द फॉलोअप डेस्क
झारखंड छात्र मोर्चा की गढ़वा जिला इकाई के तत्वावधान में गढ़वा जिला स्थित नामधारी महाविद्यालय परिसर में वसंत उत्सव सह होली मिलन समारोह का भव्य एवं उल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे परिसर में रंग, उमंग और आपसी सौहार्द का अनूठा वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। स्वागत भाषण में आयोजकों ने कहा कि वसंत ऋतु नवजीवन, नवचेतना और नई ऊर्जा का प्रतीक है, वहीं होली सामाजिक समरसता और भाईचारे का पर्व है। इन दोनों अवसरों को एक साथ मनाने का उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जागृत करना और समाज में एकता का संदेश देना है। समारोह में लोकगायक दया तिवारी, ब्यास वीरेंद्र स्नेही, देव राव और आनंद ने अपनी सुमधुर आवाज़ तथा पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने होली, फगुआ और वसंत से जुड़े कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिन पर श्रोता झूम उठे। साथ आए अन्य कलाकारों ने भी लोक एवं सांस्कृतिक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल संगीतमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान रंग-अबीर की सौम्य वर्षा और तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण और भी उल्लासपूर्ण बन गया।
जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आपसी प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। समारोह के अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। झारखंड छात्र मोर्चा की गढ़वा जिला इकाई ने भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।
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