द फॉलोअप डेस्क
झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को पेट्रोलियम पदार्थों और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्षी विधायकों का कहना था कि केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के कारण इस स्थिति का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। उनका आरोप था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के आगे घुटने टेक चुके हैं। सत्ता पक्ष के भाजपा विधायकों ने विपक्षी हंगामे का विरोध करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर देश में अराजकता फैला रही है। वहीं, प्रदीप यादव ने अपने आचरण के अनुसार भाजपा को भी जमकर निशाने पर लिया। सरयू राय ने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और सरकार इसे लेकर सक्रिय है। दूसरी ओर आप पार्टी की शिल्पी नेहा तिर्की ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, पेट्रोलियम पदार्थों और यूरिया की कीमतें बढ़ रही हैं, और विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता देख रही है कि वास्तविक रूप से कौन देश और राज्य में अराजकता फैला रहा है। इस हंगामे के दौरान सदन में लगातार बहस होती रही, जिसमें सभी दलों ने पेट्रोल और गैस की कीमतों के मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
