द फॉलोअप डेस्क
JDU के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला उपायुक्त से इसकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व कई योजनाओं को गलत तरीके से लागू किया गया, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ और क्षेत्र के नागरिकों को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
सुबोध श्रीवास्तव का आरोप है कि कई योजनाओं की गुणवत्ता बेहद खराब थी और निर्माण के तुरंत बाद ही वे जर्जर हो गईं। कुछ योजनाओं की स्वीकृति ऐसे क्षेत्रों के लिए ली गई, जहां भूमि उपलब्ध ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं को कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से स्वीकृति दी गई, जो पूरी तरह गलत था।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने चुनाव जीतने के बाद इन योजनाओं का निरीक्षण कर कई त्रुटियों को सुधरवाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह द्वारा विधायक सरयू राय पर लगाए गए आरोपों को सुबोध श्रीवास्तव ने तर्कहीन, चापलूसी से भरा और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरयू राय एक लोकप्रिय विधायक हैं और पिछले एक वर्ष में उन्होंने सराहनीय कार्य किए हैं।
उन्होंने कहा कि “आंकड़ों का बाजीगर” सरयू राय नहीं, बल्कि बन्ना गुप्ता हैं, जिन्होंने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए आंकड़ों में हेरफेर किया। उनके कार्यकाल में बनी कई सड़कें एक वर्ष के भीतर टूट गईं, नालियां आधी-अधूरी बनीं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब थी, जिससे कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी तक घुस गया। सुबोध श्रीवास्तव ने दोमुहानी की सीढ़ी निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक फीट से भी अधिक ऊंची सीढ़ियाँ बना दी गई थीं, जिन पर लोगों का चढ़ना-उतरना कठिन हो गया था। इसे ठीक करवाने का काम भी विधायक सरयू राय ने ही किया।
उन्होंने कहा कि सरयू राय झारखंड के इकलौते विधायक हैं जो भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते हैं और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। ऐसे में सरयू राय पर तथ्यहीन आरोप लगाना कांग्रेस जिलाध्यक्ष की गलत मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अधिकारियों पर दबाव डालकर कराए गए अवैध कार्यों की जांच कराई जाए, तो उनमें बन्ना गुप्ता सबसे ऊपर आएंगे। उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्ष से जनता के सामने अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।
