रांची
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) ने रांची में प्रतिवाद सभा का आयोजन किया। इसमें ऐपवा (अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन) ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर महिलाओं की आज़ादी पर सामंती-पितृसत्तात्मक पहरे के खिलाफ जोरदार हमला किया गया। प्रतिवाद सभा में शामिल AISA राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि आज बिहार के जमुई जिले सहित देश में महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार, रेप और बलात्कार की घटनाएं तेजी से हो रही हैं। वर्तमान बिहार की डबल इंजन सरकार यह कहती है कि आप रात के 12 बजे खाना खाकर निकलें और किसी भी महिला के साथ कुछ हो जाता है, तो सुबह इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन इस तरह की घटना प्रकाश में आने के बाद महिला सुरक्षा को लेकर सरकार कितना जवाब दे रही है, यह बहुत ही दुखद है। ऐपवा से नंदिता भट्टाचार्य ने कहा कि आज हम देख रहे हैं कि भाजपा सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है। लेकिन सड़क से लेकर स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियां भी सुरक्षित नहीं हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए।
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ऐसी घटना को केवल एक अपराधी को सजा देकर नहीं रोका जा सकता
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि इस घटना को केवल एक अपराधी को सजा देकर नहीं रोका जा सकता है। आज हम देख रहे हैं कि बड़े-बड़े मंचों और कथित कथावाचकों द्वारा यह कहा जाता है कि लड़कियों और महिलाओं को शाम होते ही घर चले आना चाहिए, हमेशा पुरुष साथी के साथ रहना चाहिए। वे किसी भी तरह से खुली सड़क पर बेखौफ चलने का अधिकार नहीं रखती हैं। इस तरह का वक्तव्य देने वालों पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पितृसत्ता और सामंतवादी समाज महिलाओं पर जुल्म करते रहेंगे।

महिला विरोधी हर तरह के बयान पर प्रशासन और सरकार कड़ी नजर रखे
AISA रांची जिला सचिव संजना मेहता ने कहा कि आज जरूरत है कि महिला विरोधी हर तरह के बयान पर प्रशासन और सरकार कड़ी नजर रखे। इस तरह की घटना के लिए मैसेज, धमकी और वक्तव्य देने वालों के बारे में जैसे ही किसी तरह की जानकारी सामने आए, उन पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, एनकाउंटर में गोली चलाने के बाद कार्रवाई करने की बात कहकर मुद्दे को छात्राओं को न्याय देने से जोड़ना संवैधानिक नहीं है और यह किसी भी न्यायिक प्रावधान के तहत नहीं आता है। जरूरत है कि सही तरीके से जांच-पड़ताल कर उनके लिंक किन-किन लोगों से हैं, इसका पता लगाया जाए और सभी पर कार्रवाई कर कठोर सजा सुनिश्चित की जाए। प्रतिवाद सभा में आइसा राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार, सचिव संजना मेहता, राकेश बड़ाइक, अनमोल, सत्य प्रकाश, सृष्टि भट्टाचार्य, सुफियान, मयान, कबीर, सुहानी, निखिल, पंकज के साथ अन्य। वहीं, ऐपवा जिला सचिव नंदिता भट्टाचार्य, सुषमा मेहता, ऐति तिर्की, शांति सेन और गीता तिर्की, सपना गाड़ी, सुषमा गाड़ी के साथ दर्जनों छात्र-छात्राएं और महिलाएं शामिल रहीं।

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