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जामताड़ा में विवाहिता के घर में घुसकर रेप के दोषी को कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

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जामताड़ा 

जामताड़ा जिला न्यायालय ने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ा फैसला सुनाया है। घर में घुसकर विवाहिता के साथ जबरन दुष्कर्म करने और विरोध करने पर मारपीट करने के मामले में न्यायालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी लालू बावड़ी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी

न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी को सजा और अर्थदंड से दंडित किया है जिनमें धारा 64(1) (दुष्कर्म): 10 वर्ष का कारावास और ₹6,000 अर्थदंड (जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त जेल)। धारा 332(6) (घर में जबरन घुसना): 8 वर्ष का कारावास और ₹4,000 अर्थदंड (जुर्माना न देने पर 2 साल की अतिरिक्त जेल)। धारा 351(2) (आपराधिक धमकी/हमला): 2 साल का कारावास और ₹2,000 अर्थदंड (जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त जेल)। धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना): 1 साल का कारावास और ₹1,000 अर्थदंड (जुर्माना न देने पर 3 महीने की अतिरिक्त जेल)। और धारा 324(2) (शरारत/क्षति): 6 महीने का कारावास और ₹5,000 अर्थदंड (जुर्माना न देने पर 18 महीने की अतिरिक्त जेल)। विशेष निर्देश देते हुए न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आरोपी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा, आरोपी द्वारा जेल में पहले से बिताई जा चुकी अवधि को भी इस मुख्य सजा में समायोजित (एडजस्ट) किया जाएगा।

रात के अंधेरे में जबरन घर में घुस गया

दरअसल यह मामला जामताड़ा के नाला थाना (कांड संख्या 64/2025) से जुड़ा है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़ित विवाहिता रात में अपने दो बच्चों के साथ घर में सो रही थी। उसका पति मजदूरी के सिलसिले में दूसरे राज्य गया हुआ था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी लालू बावड़ी रात के अंधेरे में जबरन घर में घुस गया और महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उसका गला दबाने की कोशिश की और उसके कपड़े भी फाड़ दिए। इस संवेदनशील मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) सोनी कुमारी ने पुरजोर बहस की। अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में कुल 8 गवाहों का परीक्षण कराया गया, जिनके बयानों और सबूतों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ। उल्लेखनीय है कि अदालत ने बीते 20 मई को ही आरोपी को दोषी करार दे दिया था और सजा की बिंदु पर अंतिम सुनवाई के लिए 23 मई की तिथि तय की थी। शनिवार को फैसला आते ही पुलिस ने दोषी लालू बावड़ी को जेल भेज दिया।

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