द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा के कायस्थपाड़ा चौक स्थित बालाजी ज्वेलर्स में 24 दिसंबर की रात हुई सनसनीखेज लूट और फायरिंग मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चार अपराधियों ने दुकान में घुसकर मालिक अमन वर्मा को गोली मार दी थी और जेवर लूटकर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष टीम (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से छापेमारी कर इस अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अजीत यादव, हसमत अंसारी, चंदन कुमार साव और मुकेश यादव के रूप में हुई है, जो मुख्य रूप से देवघर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त 7.65mm की लोडेड देशी पिस्टल, बिना नंबर की तीन मोटरसाइकिलें (पल्सर, अपाची और TVS रेडर), लूटे गए सोने के आभूषण और वारदात के वक्त पहने गए कपड़े बरामद किए हैं।.jpg)
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह देवघर और आसपास के जिलों में बेहद सक्रिय है। गिरफ्तार सदस्यों पर पहले से ही सोनारायठाड़ी, मोहनपुर, सारठ और पालोजोरी जैसे विभिन्न थानों में लूट, फायरिंग और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने इस घटना से पहले भी लूट की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस गश्ती के कारण तब वे नाकाम रहे थे।
इस पूरी कार्रवाई में जामताड़ा पुलिस की 23 सदस्यीय टीम ने अहम भूमिका निभाई। पकड़े गए अपराधियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अनिल सिंह और प्रवीण कुमार अब भी फरार हैं। पुलिस ने दावा किया है कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।