logo

जामताड़ा हाईवे डकैती मामला: सभी 10 आरोपियों को 10 वर्ष कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा, 3 फरार भी दोषी ठहराए गए

JAMTADA_COURT.jpg

द फॉलोअप डेस्क 

जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के बोदमा पोल फैक्ट्री के पास हाईवे-419 पर 12 मई 2022 को दिनदहाड़े पिस्टल की नोक पर पश्चिम बंगाल के कुल्टी निवासी गल्ला व्यापारी से लाखों रुपये की लूटकांड के चर्चित मामले में जामताड़ा न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने इस लूटकांड में कठोर सजा सुनाते हुए सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने जेल में बंद आरोपियों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा के साथ एक-एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। वहीं इस मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को भी दोषी करार देते हुए आर्थिक दंड लगाया गया है। इस लूटकांड की बात की जाए तो सूचक पश्चिम बंगाल के कुल्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत बराकर स्टेशन रोड निवासी गल्ला व्यापारी नीतीश सुहासरिया ने मिहिजाम थाना में कांड संख्या-54/2022 दर्ज कराया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार व्यापारी जामताड़ा और बराकर के दुकानदारों से लगभग 11 से 12 लाख रुपये की वसूली कर अपने निजी वाहन से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बोदमा पोल फैक्ट्री के समीप एक सफेद रंग की चारपहिया वाहन ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद दो मोटरसाइकिल पर सवार अपराधियों ने हथियार के बल पर व्यापारी और उनके स्टाफ के साथ मारपीट की और हवाई फायरिंग करते हुए रुपयों से भरा बैग, मोबाइल, वाहन की चाभी और कई महत्वपूर्ण कागजात लूटकर फरार हो गए।

इन आरोपियों को न्यायालय ने दोषी ठहराया है जिसमे, मिहिजाम और निरसा क्षेत्र के सज्जाद अंसारी, सलीम अंसारी, इम्तियाज अंसारी, गुड्डू अंसारी, रज्जाक अंसारी, अनवर अंसारी, बाबू अंसारी समेत धनबाद क्षेत्र के मुस्ताक अंसारी, समीर अंसारी और गुलाम जिलानी को भारतीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती) के तहत दोषी करार दिया। इसके अलावा आरोपी रज्जाक अंसारी और अनवर अंसारी को आर्म्स एक्ट की धारा 27/35 के तहत भी दोषी पाया गया। इस लुटकांड में 7 आरोपी जेल में बंद है और 3 फरार घोषित किए गये हैं।

वहीं जामताड़ा न्यायालय के अधिवक्ता मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में 2 आरोपी धनबाद जेल, 5 आरोपी जामताड़ा जेल और 3 आरोपी फरार हैं, जिन्हें न्यायालय ने फरार घोषित करते हुए दोषी करार दिया है। 13 गवाहों की गवाही के बाद इस चर्चित लुटकांड का फैसला आया है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। जामताड़ा में दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूटकांड के मामले में अदालत के फैसले को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। यह फैसला बताता है कि संगठित अपराध और हथियार के बल पर लूट जैसे मामलों में कानून का शिकंजा अंततः अपराधियों तक पहुंचता है।

Tags - Jamtara district Mihijam police station Bodma Pol Factory Highway 419 May 12 2022 Daylight robbery West Bengal Kulti Grain trader Loot case Jamtara court verdict