जामताड़ा
जामताड़ा डीसी रवि आनंद ने स्वास्थ्य मानकों और डेटा प्रविष्टि विसंगतियां पाई. इसे लेकर उपयुक्त ने संबंधित चिकित्सा प्रभारियों और कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है और यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं उन्होंने नाला सीएचसी में सर्जन द्वारा सर्जरी न किए जाने और अनुपस्थित रहने की शिकायत पर निर्देश दिया कि यदि सर्जन कार्य नहीं कर रहे हैं, तो उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए और विभाग को इसकी रिपोर्ट भेजी जाए.
उपायुक्त ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लक्ष्य से कम कार्ड बनने और लाभार्थियों को प्लास्टिक कार्ड न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले हर अर्हताधारी मरीज का अनिवार्य रूप से आयुष्मान और आभा कार्ड बनाया जाए. बीसीजी कवरेज, पूर्ण टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में पारदर्शिता लाई जाए. वहीं सदर अस्पताल में वर्तमान में संचालित डायलिसिस सेंटर के मानक अनुरूप कार्य न करने पर, डीसी ने सरकारी स्तर पर नया डायलिसिस सेंटर खोलने हेतु स्थल चयन और प्राक्कलन तैयार करने का आदेश दिया.
दरअसल, आज जिला स्वास्थ्य समिति और विभिन्न टास्क फोर्स समीक्षा डीसी कर रहे थे. इस दौरान, सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि आगामी 20 अप्रैल से 5 मई तक जिले के चिन्हित 27 'हाई रिस्क' गांवों में फोकल फाइलेरिया मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा. उपायुक्त ने माइक्रोप्लानिंग के जरिए इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए. डीसी ने कहा, "अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है. यदि चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी निष्ठा से कार्य करेंगे, तभी जनता का सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर विश्वास मजबूत होगा."
.jpeg)