जामताड़ा:
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा झारसेवा पोर्टल पर लंबित जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों के आवेदनों का त्वरित निष्पादन करना था।
बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने डीसी को जानकारी दी कि जिले के सभी 6 प्रखंडों में कुल 94,399 आवेदन अंचल स्तर पर लंबित पड़े हैं। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, नारायणपुर प्रखंड में सबसे अधिक 43,189 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा, करमाटांड़ में 19,537, कुंडहित में 8,431, नाला में 7,692, फतेहपुर में 7,762 और जामताड़ा प्रखंड में 7,641 आवेदन लंबित हैं। वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के कारण जाति और आवासीय प्रमाण पत्रों की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे पोर्टल पर आवेदनों का भारी दबाव देखा जा रहा है।

उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को दिया निर्देश
बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों पर गहरी चिंता जताते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए और आगामी एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। डीसी ने स्पष्ट किया कि आवेदनों के प्रोसेस में किसी भी प्रकार की कोताही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित कर्मचारी अपने स्तर पर तेजी से प्रक्रिया पूरी करें ताकि नागरिकों को बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र मिल सकें।

SIR के दौरान प्रमाण पत्र बनवाने में नहीं हो मुश्किल
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एसआईआर अभियान के दौरान आम नागरिकों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है, जिससे सभी पात्र आवेदकों को समयबद्ध तरीके से उनके दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकें।