दीपक झा/जामताड़ा
जामताड़ा जिले के मेझिया पंचायत स्थित बेलटांड़ गाँव में अब बदलाव की बयार दिखने लगी है। हाल ही में ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन और बिजली विभाग सक्रिय हो गया है। अब गाँव में तेजी से बिजली के खंभे और तार लगाने का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जी रहे लोगों के घरों में पहली बार उजाला पहुंचने की उम्मीद जगी है। बता दें कि 15 और 16 अप्रैल को फॉलोअप द्वारा ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला प्रशासन और बिजली विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए गांव में बिजली के खंभे और तार लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। जहां कल तक सन्नाटा था, वहां आज मजदूरों और मशीनों की गूंज सुनाई दे रही है।

आजादी के बाद पहली बार रोशन होगा गाँव
आदिवासी बहुल इस गाँव के करीब 25 घर आज तक बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। ग्रामीणों को ढिबरी और लालटेन के सहारे जीवन गुजारना पड़ता था। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब काम शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और उन्हें विश्वास है कि जल्द ही उनके घरों में भी बिजली पहुंचेगी।

अब पानी की समस्या उठी सामने
बिजली का काम शुरू होते ही ग्रामीणों ने अपनी दूसरी बड़ी समस्या भी प्रशासन के सामने रखी है। उनका कहना है कि गाँव में पेयजल की भारी कमी है और उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली के बाद अब पानी की व्यवस्था भी जल्द की जाए। यह पूरा मामला दिखाता है कि समय पर उठाई गई आवाज कैसे बदलाव की राह खोल सकती है।