द फॉलोअप डेस्क
रामनवमी के विसर्जन जुलूस के दौरान जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में एक परिवार पर जानलेवा हमले के बाद पीड़ितों ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। इसे लेकर पीड़ित ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें पीड़ित ने सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हथियारबंद आरोपियों ने न सिर्फ उनके परिवार पर हमला किया, बल्कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ भी की गई और अब लगातार जान से मारने की धमकियां तक दी जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने सिदगोड़ा के बागुनहातु स्थित आउटर रोड निवासी पीड़ित हेमंत वर्मा ने बताया कि विगत 28 मार्च को रामनवमी के विसर्जन के अवसर पर गोलमुरी बजरंग अखाड़ा में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित था। इसी दौरान जब वे अपने परिवार के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, विवाद के बाद रंजिश बढ़ गई और मौके पर मौजूद आरोपियों राजू प्रजापति, विनोद खत्री, मनोज खत्री उर्फ गब्बर और अनोज खत्री उर्फ पिंटू खत्री ने उनके पूरे परिवार पर तलवार, चापड़ और डंडों से हमला कर दिया।

इस हमले में परिवार के सभी सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गये। इतना ही नहीं, पीड़ित की बहू ज्योति प्रसाद के साथ छेड़छाड़ तक की गई और उनके कपड़े भी फाड़ दिये गये। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद थाना में शिकायत करने पर उन्हें और परिवार के अन्य सदस्यों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। हालात ऐसी हो गई हैं कि परिवार का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। अब आरोपी उन्हें परिवार समेत शहर छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से कुछ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और धमकी जैसे गंभीर मामलों में पहले भी शामिल रह चुके हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल पुलिस सुरक्षा देने, मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
