द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मनचाहे ब्रांड की शराब मिलने में थोड़ा वक्त लगेगा। उत्पाद विभाग को उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर खुदरा शराब की बिक्री सामान्य हो जाएगी। फिलहाल राज्य के 1452 दुकानों में 1359 दुकानों का ऑडिट की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। आज पूरे राज्य में नयी व्यवस्था के तहत 410 दुकानें खोल दी गयी है। कल तक मात्र 210 नयी दुकानें ही खुली थी। रांची में 55, जमशेदपुर में 34, धनबाद में 30 और हजारीबाग में 22 दुकानें खोली गयी हैं। यहां सेल्स मैन के रूप में नये लोगों की नियुक्ति की गयी है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले एक-दो दिनों में नयी शराब नीति को भी अधिसूचित कर दिया जाएगा। उसके बाद निजी हाथों में शराब की बिक्री सौंपने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

इधर सूत्रों के अनुसार दुकानों पर मनचाहे ब्रांड की शराब मिलने में अभी थोड़ वक्त लगेगा। एक सप्ताह के अंदर अधिकतर ब्रांड की शराब मिलने लगेंगे। फिलहाल हर ब्रांड का शराब नहीं मिलने के पीछे कई कारण रहे। प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा की गयी गड़बड़ियों की वजह से सरकार ने भुगतान रोक दिया था। वहीं निवर्तमान उत्पाद आयुक्त दो महीने की ट्रेनिंग पर चले गए थे। चेक पर साइन करनेवाले दो अन्य अधिकारियों को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसलिए कंपनियों से शराब का उठाव करने के लिए उसे भुगतान करने में परेशानी हो रही थी। चेक पर साइन करनेवाला ही नहीं था, इसलिए शराब निर्माता कंपनियों को भुगतान नहीं हो रहा था। अब विभाग ने चेक पर हस्ताक्षर करनेवाले एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर दी है। इससे शराब निर्माता कंपनियों से शराब की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
