जमशेदपुर
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में एक महिला मरीज को ऑपरेशन थिएटर तक ले जाकर एनेस्थीसिया देने के बाद बिना सर्जरी किये वापस वार्ड भेज देने का मामला अब तूल पकड़ चुका है. पहले परिजनों के हंगामे और डॉक्टरों के बीच तालमेल की कमी के आरोप लगे, फिर मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को जांच कमेटी गठित करनी पड़ी है. अब तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. दरअसल, छोटा गोविंदपुर निवासी शांति देवी को पित्त की पथरी के कारण सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार को उनका ऑपरेशन होना था. परिजनों के अनुसार, उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया, जहां एनेस्थीसिया भी दिया गया, लेकिन कुछ देर बाद बिना ऑपरेशन किये ही वापस वार्ड में भेज दिया गया. इस घटना के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी और परिजन भड़क उठे. अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
डॉक्टरों के बीच नहीं हुई आपसी समन्वय: परिजन
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों के बीच आपसी समन्वय नहीं होने का खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ा. उनका कहना है कि ऑपरेशन की पूरी तैयारी के बाद अचानक सर्जरी रोक दी गयी, जबकि मरीज बेहोशी की हालत में थी. घटना से गुस्साए परिजनों ने संबंधित डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की.
जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने बनाई जांच कमेटी
मामले ने तूल पकड़ा तो एमजीएम अस्पताल प्रशासन हरकत में आया. अस्पताल के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी. शिशुरोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार के नेतृत्व में बनायी गयी टीम में डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. वाई सांगा और डॉ. इला झा को शामिल किया गया है. कमेटी को तीन दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
बिना अनुमति मरीज को लाया गया ओटी: डॉ. सरवर आलम
इधर, सर्जरी विभाग के यूनिट इंचार्ज डॉ. सरवर आलम ने सफाई देते हुए कहा कि मरीज को उनकी अनुमति के बिना ओटी में ले जाया गया था. उनका कहना है कि वे उस समय ऑफिशियल कार्य में व्यस्त थे और ओटी ले जाने से पहले उनसे बात नहीं की गयी. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ऑपरेशन करने को तैयार थी, लेकिन परिस्थितियों के कारण प्रक्रिया रोकनी पड़ी. वहीं, अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है.

सर्जरी विभाग के डॉ. सरवर आलम को शो कॉज नोटिस
इधर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार ने इस मामले में सर्जरी विभाग के डॉ सरवर आलम को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर विभागाध्यक्ष व अधीक्षक के मंतव्य के साथ जवाब देने के लिए कहा है, प्राचार्य ने नोटिस में कहा है कि सर्जरी विभाग के डॉ नीलोफर अहमद ने शिकायत की है कि डॉ सरवर आलम प्राय: अपने विभाग व यूनिट में नहीं रहते हैं, देर से अस्पताल आते हैं. इसे सर्जरी विभाग के ओटी में ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को काफी परेशानी होती है, बेवजह ओटी. विभाग के दैनिक कार्य में भी बाधा डालते हैं, इससे अस्पताल की छवि खराब होती है.

MGM की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बीच एमजीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्था भी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गयी है. अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़, वार्डों में अव्यवस्था और स्ट्रेचर की कमी जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं. शनिवार को अस्पताल की इमरजेंसी और बरामदे तक मरीजों से भरे दिखे. कई मरीजों को जमीन पर बैठकर इलाज कराना पड़ा. एमजीएम अस्पताल की यह घटना अब सिर्फ एक मरीज की पीड़ा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही, संसाधनों की कमी और डॉक्टरों के बीच समन्वय के अभाव पर बड़ा सवाल बनकर खड़ी हो गयी है.