द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: झारखंड में सुरक्षाबलों ने पिछले 10 महीने में 22 नक्सलियों (Naxalite Killed) को मार गिराया। मारे गये नक्सलियों में टॉप कमांडर अनल दा समेत कई इनामी माओवादी (CPI Maoist) शामिल हैं। इस दौरान करीब 45 नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। जनवरी 2026 में पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल (Saranda Forest) में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल दा समेत कुल 15 नक्सलियों को मार गिराया। यह झारखंड में माओवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी कामयाबी थी। यह सफलता इस लिहाज से भी खास थी कि सारंडा के दुर्गम जंगली और पहाड़ी इलाकों में दशकों तक लाल आतंक का राज था। यहां नक्सलरोधी अभियान चलाना काफी मुश्किल काम था।

सारंडा में तीन माओवादियों को मार गिराया
अप्रैल 2026 में हजारीबाग और चतरा जिले की सीमा पर सुरक्षाबलों ने 15 लाख के इनामी नक्सली सहदेव महतो समेत कुल 4 माओवादियों को मार गिराया। इसी महीने सारंडा जंगल के बलिबा इलाके में कुख्यात नक्सली मिसिर मेसरा दस्ते के खिलाफ ऑपरेशन लॉन्च किया गया। अभियान के दौरान 3 माओवादियों को मार गिराया गया। मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार था। उसकी भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
मई में 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
मई 2026 में रांची पुलिस मुख्यालय में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। जुलाई 2026 में रांची पुलिस मुख्यालय में 16 माओवादियों ने हथियार के साथ सरेंडर किया। पश्चिम सिंहभूम जिला के मुख्यालय चाईबासा में 10 लाख के इनामी नक्सली सलूका कायम समेत 4 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। लगातार हो रहे आत्मसमर्पण को झारखंड में नक्सलरोधी अभियान की वजह से माओवादी नेताओं पर बने दबाव के तौर पर देखा गया है।