बोकारो:
पिंडाराजोरा थानाक्षेत्र से 8 महीने पहले लापता हुआ 18 वर्षीय पुष्पा कुमारी का कंकाल मिला है। पुष्पा की हत्या उसके प्रेमी दिनेश कुमार महतो ने चाकू घोंपकर की थी। पुलिस ने बताया कि 21 जुलाई 2025 को जिस दिन पुष्पा लापता हुई थी, उसी दिन उसकी हत्या कर दी गई थी। आरंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेमी दिनेश, पुष्पा द्वारा शादी का दबाव बनाए जाने से नाराज था और इसलिए उसने युवती को रास्ते से हटाने की साजिश रची. हालांकि, एसपी हरविंदर सिंह का कहना है कि हत्यारोपी, मृतका के शादी का दबाव बनाने जाने से परेशान था या वह युवती की शादी अन्यत्र तय होने से नाराज था, यह गहन जांच से ही पता चलेगा।

मधुटांड़ जंगल से मिला युवती का कंकाल
पुष्पा का कंकाल चाकुलिया पंचायत स्थित मधुटांड़ जंगल से मिला है। पुलिस ने हत्यारोपी दिनेश कुमार महतो की निशानदेही पर कंकाल बरामद किया है। एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि मृतका पुष्पा और आरोपी दिनेश के बीच बीते 3 साल से प्रेम संबंध था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुष्पा उसपर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था. पुष्पा से पीछा छुड़ाने के लिए उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, पुलिस को दिनेश के बयान पर संदेह है और उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

21 जुलाई 2025 को लापता हुई थी पुष्पा कुमारी
एसपी ने बताया कि घटना वाले दिन यानी 21 जुलाई 2025 को पुष्पा चास कॉलेज में दाखिला लेने के लिए गई थी। पूर्व नियोजित साजिश के तहत दिनेश महतो वहां पहुंचा और पुष्पा को बहला-फुसलाकर कॉलेज से करीब 1.5 किमी दूर सुनसान जंगल में ले गया। यहां मौका पाकर उसने पुष्पा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपाकर भाग गया। लौटते समय खून से सना चाकू दिनेश ने रास्ते में फेंका था।

युवती का कंकाल और चाकू बरामद किया गया
इस केस की जांच कर रही एसआईटी ने आरोपी दिनेश की निशानदेही पर घटनास्थल से मृतका के कपड़े, बालों का अवशेष, हड्डियों के टुकड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है। इस केस की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी ने पिंडाराजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन समेत कुल 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है और कहा है कि उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया
एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि यह काफी संवेदनशील मामला था। 18 वर्षीय युवती लापता हो गई थी और उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। जांच में पता चला है कि पिंडाराजोरिया थाना प्रभारी समेत इस केस के आईओ और अन्य पुलिसकर्मियों ने भारी लापरवाही बरती। इस केस की जांच में शुरुआती एसआईटी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गयी। हाईकोर्ट की निगाह भी इस केस पर थी और लगातार कई दिशा-निर्देश दिए गये थे। सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था, जिसने घटना का उद्भेदन किया।