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पाकुड़ में अवैध पत्थर खनन से 50 करोड़ के राजस्व नुकसान का आरोप, जांच रिपोर्ट का अब भी इंतजार

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पाकुड़ 

पाकुड़ जिले में अवैध पत्थर खनन कर करीब 50 करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व की चोरी के मामले में आठ महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत के बाद जांच तो कराई गई, लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामला पाकुड़ अंचल के कासियाडांगा, कान्हूपुर और सिंगडा मौजा का है। आरोप है कि झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा से सटे इन क्षेत्रों में लगभग 15 से 20 बीघा झारखंड की भूमि पर पश्चिम बंगाल के एक पत्थर कारोबारी द्वारा अवैध रूप से पत्थर का खनन किया गया। इस अवैध उत्खनन से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

अत्यंत गंभीर मामला

इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश अग्रवाल ने बताया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन उपायुक्त (DC) मनीष कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी पुनः वर्तमान उपायुक्त को दी गई है। साथ ही राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक शिकायत भेजी गई है। अग्रवाल ने तत्कालीन उपायुक्त और तत्कालीन अंचल अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व की क्षति हुई है, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल

वहीं, पाकुड़ के अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी ने पूरे प्रक्ररण को लेकर कहा कि जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जैसे ही रिपोर्ट उपलब्ध होगी, उसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़े इस मामले में कार्रवाई में हो रही देरी अब जांच प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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