रांची
निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. उन्हें हजारीबाग दीसे रहते हुए सेवायत भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री के आरोप पर जमानत मिली है. आज सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. लेकिन एसीबी के हजारीबाग वन भूमि केस में अब तक जमानत नहीं मिल पाने के कारण उन्हें जेल में ही रहना होगा.
अन्य दो मामलों; शराब घोटाला, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े केस में उन्हें पहले डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है.

SC ने देश नहीं छोड़ने और गवाहों से दूर रहने को कहा
विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त शर्तों पर बेल दी है. कोर्ट ने कहा कि वह देश छोड़कर नहीं जा सकते. इसके अलावा केस से जुड़े अगले गवाहों से वह दूरी बनाये रखेंगे. ऐसे में उन्हें राहत तो मिली है. लेकिन केस जारी रहेगा. बता दें विनय चौबे को इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट से झटका मिल चुका है. अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ 6 जनवरी को उन्हें बेल देने से इनकार क्र दिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
क्या है लैंड सकाम मामला?
बता दें विनय चौबे पर हजारीबाग में डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की खरीद-बिक्री में अनियमितता बरतने का आरोप है. इसे लेकर ACB ने कांड संख्या 9/2025 के तहत केस दर्ज किया था. विनय चौबे के खिलाफ ACB ने चार्जशीट भी दाखिल की. अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें राहत तो मिली है, लेकिन जांच और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी.