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कल ईडी के सामने हाजिर होंगे आईएएस छवि रंजन, नहीं पहुंचने पर बढ़ सकती है मुश्किलें

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द फॉलोअप डेस्क
रांची आर्मी लैंड स्कैम मामले में कल यानि 24 अप्रैल को IAS छवि रंजन को ईडी के सामने हाजिर होंगे। दरअसल दो समन में छवि रंजन हाजिर नहीं हुए हैं। ऐसे में तीसरा समन जारी कर ईडी ने हिनू स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचने को कहा है। सोमवार को दिन के 11 बजे पहुंचने को कहा है। सूत्रों के अनुसार तीसरे समन में भी छवि रंजन हाजिर नहीं होते हैं तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताते चलें कि ईडी ने उन्हें 17 अप्रैल को समन जारी कर 21 अप्रैल को ईडी क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचने कहा था मगर वे हाजिर नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से दो हफ्ते का समय मांगा। ईडी ने दो सप्ताह की छूट देने की बजाय दोबारा समन जारी कर 21 अप्रैल को ही शाम चार बजे तक ऑफिस आने को कहा था। लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने तीसरा समन जारी कर 24 अप्रैल को दफ्तर पहुंचने को कहा है।


01 मई तक पितृत्व अवकाश पर हैं छवि
ईडी के समक्ष 21 अप्रैल को हाजिर नहीं होने के संबंध में छवि रंजन की ओर से बताया गया कि वे पितृत्व अवकाश में हैं जानकारी के अनुसार ईडी की नोटिस से पहले ही छवि ने सरकार से पितृत्व अवकाश का आवेदन दिया था। सरकार की ओर से 17 अप्रैल से लेकर 1 मई तक पितृत्व अवकाशकी छुट्टी भी उन्हें मिल चुकी थी। बताया जा रहा है कि इस कारण ही छवि रंजन की ओर से मई के पहले हफ्ते के बाद का वक्त देने कहा गया था। लेकिन ईडी ने उनके आवेदन को अस्वीकार को कर दिया।


13 अप्रैल को ईडी ने की थी छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आइएएस अधिकारी छवि रंजन, सीओ, राजस्व कर्मचारी सहित कई जमीन माफियाओं के यहां एक साथ 13 अप्रैल को छापेमारी की थी। गौरतलब है कि छवि रंजन सहित अंचलाधिकारियों पर नियमों का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में ईडी ने यह कार्रवाई की। बता दें कि रांची में सेना की जमीन की रजिस्ट्री के मामले में रांची जिला प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। दोनों ही जगहों पर जमीन की खरीद करने वाले, रजिस्ट्री करने वाले व्यक्ति, सरकारी पदाधिकारी जिनकी भूमिका रजिस्ट्री म्यूटेशन में है, वह ईडी के रडार पर हैं। सेना जमीन खरीद में फर्जीवाड़ा के मामले में ईडी मनी लाउंडिंग के पहलूओं पर जांच कर रही है। सेना से मिले दस्तावेजों के मुताबिक जमीन की खरीद बिक्री में बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई है।