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झारखंड : निजी-वन भूमि पर कौन से वनोपज के कितने वृक्ष, सीएम ने इसका डेटाबेस तैयार करने कहा, जानें क्यों

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द फॉलोअप डेस्क
निजी और वन क्षेत्र की भूमि पर कौन से वनोपज के कितने वृक्ष हैं। उन वृक्षों के उत्पादों का उपयोग किस समूह द्वारा किया जा रहा है, इसका डेटाबेस तैयार होगा। दरअसल यह निर्देश सीएम हेमंत सोरेन ने गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि० रांची के निदेशक पर्षद की द्वितीय बैठक में अधिकारियों को निदेशित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वनोपज आधारित उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर जीविका का महत्वपूर्ण स्रोत बनाया जा सकता है। ग्रामीणों को उनके द्वारा उत्पादित एवं संग्रहित उत्पादों का उचित मूल्य उपलब्ध कराने पर बल दें। सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड राज्य में कृषि एवं वनोपज जैसे धान, गेहूं, सब्जी, फल, इमली, सरगुजा, चिरौंजी, साल, आंवला, लाह, महुआ, करंज, रेशम सहित अन्य का उत्पादन, संकलन, प्रसंस्करण तथा क्रय-विक्रय के लिए मार्केटिंग की कारगर व्यवस्था तैयार करें।

12 जिलों में लाह प्रसंस्करण को किया जा रहा प्रोत्साहित
बैठक में सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि० के अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य के 12 जिलों में लाह प्रसंस्करण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मेडिसिन प्लांट जैसे चिरायता, जामुन, अश्वगंधा, आंवला इत्यादि को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों ने सीएम को जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम फेज में रांची, गुमला तथा दुमका जिला में वनोत्पाद तथा कृषि उपज हब का निर्माण किया जा रहा है इसके तहत संग्रहण और प्रोसेसिंग की कार्रवाई की जाएगी।

लैम्प्स/पैक्स के लेवल पर लोगों का किया जा रहा है क्षमतावर्द्धन
लैम्प्स/पैक्स के लेवल पर ग्रामीण लोगों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिए जाने की बात अधिकारियों ने सीएम से कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक राज्य में 30 हजार लोगों का क्षमतावर्द्धन किए जाने का लक्ष्य है राज्य के ए ग्रेड वाले लैम्प्स/पैक्स की संख्या को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार जिला संघ के साथ बैठक आयोजित कर कार्यों को मूर्त रूप दिया जा रहा है।

लोगो की मिली स्वीकृति
बैठक में सीएम को अधिकारियों ने बताया कि
राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन भी हो रहा है। सर्वे का कार्य भी शुरू हो गया है। वहीं, सिदो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि० के चयनित LOGO की स्वीकृति भी दी गई। बैठक में कृषि मंत्री बादल, अपर मुख्य सचिव एल.ख्यानग्ते, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री वंदना डाडेल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव के.श्रीनिवासन, सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि० के सीईओ संजीव कुमार, सचिव जयप्रकाश शर्मा तथा झास्कोलैम्प, झामकोफेड एवं वेजफेड तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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