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JSSC PGT-2023 : 8 सप्ताह बाद भी हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं, टुकड़ों में जारी किए जा रहे परिणाम

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द फॉलोअप, रांची
वर्ष 2023 में प्रकाशित झारखंड पीजीटी शिक्षक नियुक्ति (विज्ञापन संख्या 02/2023 एवं 03/2023) में ओबीसी-2 आरक्षण विवाद पर  झारखंड उच्च न्यायालय का निर्णय आए लगभग आठ सप्ताह बीत चुके हैं। इसके बावजूद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) एवं शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे हजारों अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष, निराशा और भविष्य को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती में 3,120 पद स्वीकृत थे, जिसमें आज भी लगभग 600 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं शिक्षा विभाग ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए ओबीसी-2 वर्ग को 110 सीटें देने की बात कही थी, लेकिन आज तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया। परिणामस्वरूप ओबीसी-2 वर्ग के अभ्यर्थी तीन वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य में अन्य नियुक्ति प्रक्रियाएँ लगातार आगे बढ़ रही हैं, जबकि JSSC PGT-2023 भर्ती को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि आयोग द्वारा रुक-रुक कर परिणाम जारी करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे आयोग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और निर्णय क्षमता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। जब न्यायालय का निर्णय आ चुका है, रिक्त पद उपलब्ध हैं और आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी हो चुकी हैं, तब भी भर्ती को एकमुश्त पूरा नहीं किया जाना अभ्यर्थियों की समझ से परे है।


अभ्यर्थियों का कहना है कि तृतीय दस्तावेज़ सत्यापन (3rd DV) सूची का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थी महीनों से असमंजस की स्थिति में हैं। वहीं जिन विषयों का द्वितीय दस्तावेज़ सत्यापन (Second DV) लगभग छह महीने पहले पूरा हो चुका है, उनका अंतिम परिणाम भी आज तक जारी नहीं किया गया है। लगातार तीन वर्षों से अभ्यर्थी JSSC एवं शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल एक ही जवाब मिलता है—"काम चल रहा है।" अभ्यर्थियों का कहना है कि अब यह जवाब नहीं, बल्कि उनकी उम्मीदों के साथ किया जा रहा अन्याय प्रतीत होता है। इस विलंब ने हजारों युवाओं का बहुमूल्य समय, करियर और मानसिक शांति छीन ली है। अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि शिक्षा विभाग का प्रभार स्वयं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के पास है। ऐसे में उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर ड्यूल डिग्री अभ्यर्थियों को भी न्यायालय से राहत मिल चुकी है, फिर भी भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में हो रही देरी समझ से परे है।


अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
ओबीसी-2 वर्ग का परिणाम तत्काल जारी किया जाए।
तृतीय दस्तावेज़ सत्यापन (3rd DV) सूची अविलंब जारी की जाए।
लगभग 600 रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
JSSC PGT-2023 भर्ती प्रक्रिया को बिना किसी और विलंब के एकमुश्त पूर्ण किया जाए।


 

Tags - Jharkhand JSSC PGT-2023 High Court Vacant Posts Recruitment