logo

बाबा साहब के विचारों के विपरीत कार्य कर रही है हेमंत सरकार बड़ी आबादी के साथ कर रही राजनीति- सुदेश

1912.jpg

द फॉलोअप डेस्क
सामाजिक न्याय के अग्रदूत बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने एक ऐसे समाज की कल्पना की थी,  जहां सबको समान अधिकार मिले। समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनैतिक उन्नति की कल्पना उन्होंने की थी। मगर राज्य की वर्तमान सरकार बाबा साहब के विचारों के विपरीत कार्य कर रही है। यह बातें आजसू सुप्रिमो सुदेश महतो ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार संवैधानिक मूल्यों को ताक पर रखकर बड़ी आबादी के साथ राजनीति कर रही है। सरकार की मंशा बाबा साहेब के विचारों,  उनकी कल्पनाओं के विपरीत है। राज्य में शिक्षा व्यवस्था की हालत गंभीर है। बच्चों को बुनियादी शिक्षा दिए बिना पास कर दिया जा रहा है। यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है। महिलाओं की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। महिलाओं को सम्मान नहीं देने के मामले में हमारा राज्य पहले पायदान पर है।

सरकार बड़ी आबादी के साथ न्याय नहीं करना चाहती
सुदेश महतो ने कहा कि सरकार के कार्यों से ऐसा प्रतीत होता है कि बड़ी आबादी के साथ ये न्याय नहीं करना चाहती। सरकार ने एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को भी अपना पॉलिटिकल एजेंडा बनाकर लटका दिया है। इतना ही नहीं पंचायत चुनाव में पिछड़ों के लिए आरक्षित हजारों पदों को गैर आरक्षित कर दिया नगर निकाय चुनाव को लेकर भी इनकी मंशा यही थी। सुदेश ने सरकार से आग्रह किया है कि युगपुरुष बाबा साहब को सिर्फ श्रद्धांजलि अर्पित ना करें, बल्कि उनके विचारों को नीति-निर्णयों में भी शामिल करें

पूरे राज्य में आजसू ने मनाई जयंती
आजसू पार्टी ने पूरे राज्य में संविधान शिल्पकार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई। इसी क्रम में हरमू रांची स्थित केंद्रीय कार्यालय में बाबा साहेकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्हें नमन करते हुए आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि सामाजिक न्याय के बगैर विकास अधूरा है वर्तमान समय में बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करने की जरुरत है। उनके सपनों को धरातल पर उतारने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। डॉ. देवशरण ने कहा कि राज्य सरकार संविधान के प्रति ईमानदार नहीं है। यह भविष्य के लिए खतरनाक संकेत है। इन्होंने झारखंड के जल, जंगल, जमीन और जमीर के साथ न्याय नहीं किया।

राज्य के सभी विस में लगाई गई स्टेच्यू
डॉ. देवशरण भगत का कहना है कि बाबा साहब के विचारों, उनकी गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के मकसद के साथ हमने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बाबा साहब का स्टेच्यू लगाने का कार्य किया था। संविधान एक ऐसा यंत्र है, जिसके सारे मंत्र भारतीयों को मान, सम्मान, स्वाभिमान के साथ सौहार्दपूर्ण जीवन जीने का हक देता है। इस वर्ष भी हमने बाबा साहब के विचारों को संघर्ष के माध्यम से मूर्त रुप देने का संकल्प लिया है इसी सोच के साथ इस महीने को सामाजिक न्याय महीना के रूप में मना रहें। संघर्ष वर्ष में सामाजिक न्याय महीना मनाने के पीछे के उद्देश्य बड़े हैं, इसके मायने व्यापक हैं। इधर, सिल्ली में हुए  श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सुनील सिंह, संजय सिद्धार्थ, रांची जिला परिषद उपाध्यक्ष वीना चौधरी, जितेंद बड़ाईक, गौतम कृष्णा साहु, नेपाल नायक, भारत साई, भरत कुमार, हेमंत नायक, ललन कुमार, अर्जुन कालिंदी, हराधन कालिंदी, उर्मिला देवी, रेखा देवी, शंकर बेदिया, सुषेण प्रमाणिक, दिलीप कुमार, किशोर कुमार कुशवाहा, अरबिंद कुमार, कौशल कुमार इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करेंhttp://https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT