द फॉओअप डेस्क
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर रिम्स-2 के मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर कांग्रेस के दो नेताओं से उलझन भरे बयान दिलवा रही है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दे से हटाया जा सके। प्रतुल ने इसे "फिक्स्ड मैच" करार देते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों की खेती वाली जमीन को सरकारी जमीन बताकर रिम्स-2 का निर्माण करना चाह रही थी, जबकि दस्तावेजों में उस जमीन का कभी अधिग्रहण नहीं हुआ।
प्रतुल ने कहा कि जब विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने नगड़ी में इस निर्माण के खिलाफ आंदोलन शुरू किया तो सरकार दबाव में आ गई। अब सरकार के निर्देश पर ही कांग्रेस के नेता विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। बंधु तिर्की ने एक महीने बाद मुख्यमंत्री से मांग की कि आदिवासियों की जमीन पर निर्माण नहीं हो, जबकि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कह रहे हैं कि रिम्स-2 उसी जगह बनेगा। इससे साफ है कि सरकार लोगों को भ्रमित करने की रणनीति अपना रही है।
भाजपा नेता ने साफ कहा कि किसी भी हाल में नगड़ी की खेती योग्य जमीन पर रिम्स-2 नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उसी इलाके में सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है, फिर भी सरकार जबरन किसानों की जमीन लेना चाह रही है। प्रतुल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार बलपूर्वक आदिवासियों को हटाने की कोशिश करती है तो भाजपा इसका कड़ा विरोध करेगी।