द फॉलोअप डेस्क
Helping Corps Foundation की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिला। बताते चलें कि, झारखंड बढ़ते भ्रष्टाचार और जनता की समस्याओं से संबंधित मामले को लेकर उनके द्वारा महामहिम को एक ज्ञापन सौंपा गया है। जानकारी के अनुसार, इस ज्ञापने में मुख्य रूप से 3 मांगे शामिल है। जिसमें पहला मांग, राज्य में ट्रैफिक जांच के दौरान दुर्घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर है। जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियान के दौरान अचानक वाहन रोकने से लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है, जिससे कई बार लोगों को अपनी जान देकर इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। बताते चलें कि, इस मांग में उन्होंने सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जांच व्यवस्था, बैरिकेडिंग व सीसीटीवी कैमरा की समुचित व्यवस्था करने तथा पुलिस द्वारा अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई करने से बचने की बात रखी है।
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संगठन की दूसरी मांग, औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण और भूमि अतिक्रमण पर रोक लगाने को लेकर था। जिसमें गिरिडीह, धनबाद और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही है। साथ ही, भू-माफियाओं द्वारा कथित तौर पर जमीन की हेराफेरी और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे पर्यावरण और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं, उनकी तीसरी मांग, कोडरमा जिला के तिलैया थाना कांड की उच्च स्तरीय जांच कराने को लेकर था।

जिसमें तिलैया थाना कांड संख्या 180/25 जो 9 जून 2025 का है, उनका आरोप है कि इस घटना में पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध रूप से रही है। वहीं, संगठन ने इस मामले को उच्च स्तरीय जांच की मांग की, साथ ही दोषी पाए पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। बताते चलें कि, प्रतिनिधिमंडल में शामिल Helping Corps Foundation के अध्यक्ष विशाल गंभीर, उपाध्यक्ष मनोज चावला, सचिव अभिषेक चावला तथा कानूनी सलाहकार सह अधिवक्ता अर्पित कुमार सिन्हा मौजूद रहे। बहरहाल, महामहिम ऱाज्यपाल ने उनकी सभी मांगों को गंभीरता से लिया है। वहीं, संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्यपाल महोदय जनहित से जुड़े इन सभी मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।