सरायकेला
सरायकेला-खरसावां जिले के में एक अज्ञात व्यक्ति लंबे समय तक तड़पता रहा, लेकिन समय पर किसी ने उसकी पीड़ा को महसूस नहीं किया. मदद नहीं मिलने के कारण उसकी तड़पते-तड़पते मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर इंसानियत और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि अस्पताल को सूचना मिली थी कि आरएसबी कंपनी के बाहर एक व्यक्ति गंभीर हालत में पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही अस्पताल से तत्काल एंबुलेंस भेजी गई और व्यक्ति को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.
डॉक्टरों के अनुसार, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल पहुंचने तक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी. जांच में पता चला कि उसे तेज बुखार था, जिसके कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी. चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि यदि कंपनी प्रबंधन या किसी व्यक्ति द्वारा मानवता के नाते समय रहते वाहन की व्यवस्था कर उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी. इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि जिस कंपनी द्वारा सामाजिक जिम्मेदारी और मानव सेवा के तहत समय-समय पर रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, उसी कंपनी के बाहर एक व्यक्ति मदद के अभाव में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा और किसी ने आगे आकर मदद नहीं की. इस घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है.
