द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर के परसुडीह स्थित सदर अस्पताल परिसर में आज इतिहास रचने जा रहा है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी आज यहां ओपीडी में मरीजों को एक चिकित्सक के रूप में अपनी सेवा प्रदान करेंगे। ये देश में पहली बार होगा, जब कोई मंत्री डॉक्टर के तौर पर मरीजों का इलाज करेगा। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्री सदर अस्पताल परिसर में 6 करोड़ 38 लाख 90 हजार की कुल लागत से बने 100 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल (प्री फैब्रिकेटेड हॉस्पिटल) और उत्तर भारत के पहले हाई-टेक सिकल सेल लैब का उद्घाटन भी करेंगे।
100 बेड के इस अस्पताल को काफी आधुनिक रूप से डिजाइन किया गया है, ताकि सामान्य से लेकर गंभीर अवस्था वाले मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सके। यहां हार्ट, न्यूरो, किडनी, कैंसर सहित कई विभाग चरणबद्ध रूप से शुरू किये जायेंगे। फिलहाल आज से हार्ट और मधुमेह का ओपीडी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इनडोर सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।.jpeg)
इसके अलावा सिकल सेल लैब न केवल जमशेदपुर, बल्कि कोल्हान के साथ-साथ पूरे झारखंड के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाने वाली है। दरअसल, यह सिकल सेल लैब सभी अत्याधुनिक तकनीक से पूरी तरह से लैश है, जिसमें एक साथ 92 मरीजों की जांच की जा सकेगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट भी महज कुछ ही घंटों में उपलब्ध हो जायेगी।
इस संबंध में पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ साहिर पॉल ने बताया कि इस लैब में ऐसी कई मशीनें लगाई गई हैं, जो उत्तर भारत में पहली बार उपयोग होंगी। लैब के संचालन के लिए हैदराबाद से तीन विशेषज्ञ टेक्नीशियन की नियुक्ति भी की गई है। ऐसे में कोल्हान के अलावा यहां राज्यभर से सैंपल भेजे जायेंगे, जिससे सिकल सेल की पहचान और उपचार में तेजी आयेगी। 
10 दिव्यांग को प्रमाण पत्र और ट्राइसाइकिल का भी करेंगे वितरण
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी 10 दिव्यांग को अपने हाथों से प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे। साथ ही जमशेदपुर के उपायुक्त कार्यालय में ट्राइसाइकिल वितरण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।.jpg)
नये अस्पताल में ये होंगी सुविधाएं
जमशेदपुर के सदर अस्पताल परिसर में बने 100 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल में मरीजों के लिये हाईटेक वार्ड, ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, मिनी ऑपरेशन थियेटर, पैथोलॉजी लैब, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन, 24 घंटे फार्मेसी और इमरजेंसी सेवाएं, 24×7 एयर कंडीशन सिस्टम, मरीजों के परिजनों के बैठने और रुकने की सुविधा, डॉक्टरों और स्टाफ के लिए अलग विश्राम कक्ष, अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिय पीएसए प्लांट, दो डीप बोरिंग और दो 30-30 हजार लीटर की टंकियां, मरीजों और स्टाफ के लिए अलग-अलग शौचालय आदि की सुविधाओं के साथ ही अस्पताल संचालन के लिए 4 चिकित्सक, 35 नर्सें, 10 सपोर्ट स्टाफ, 10 सफाई कर्मी और 1 कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्त की गई है।