द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग में इस बार रामनवमी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा खुद मैदान में उतर गई हैं, और उन्होंने जुलूस मार्ग का रूट वेरिफिकेशन किया है। यह पहली बार है किसी डीजीपी ने हजारीबाग पहुंचकर रामनवमी के रूट का निरीक्षण किया हो, जिससे प्रशासन की गंभीरता साफ झलक रही है। रामनवमी के दौरान किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। डीजीपी ने झंडा चौक से लेकर बड़ा अखाड़ा तक पूरे जुलूस मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिले भर के सभी पुलिस पदाधिकारी सड़क पर मौजूद रहे। रूट वेरिफिकेशन के दौरान बोकारो रेंज के आईजी सुनील भास्कर, डीआईजी अंजनी झा, एसपी अंजनी अंजन और उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह भी मौके पर उपस्थित रहे।
डीजीपी ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, हम आम जनता से अपील करते हैं कि रामनवमी पर्व को शांति और उत्साह के साथ मनाएं। उन्होंने सख्त शब्दों में चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रूट वेरिफिकेशन से पहले डीजीपी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक भी की, जिसमें जिले के तमाम पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में संवेदनशील इलाकों, फोर्स की तैनाती और भीड़ नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी के इस दौरे के बाद लोग यह मान रहे हैं, कि इस बार हजारीबाग की रामनवमी सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता का भी उदाहरण बनने जा रही है।
