द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग में रामनवमी को लेकर पुलिस ने अभेद सुरक्षा कवच तैयार किया है। इस बार हजारीबाग पुलिस टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मानव शक्ति का भरपूर उपयोग करने जा रही है। जुलूस में शामिल गाड़ियों में जीपीएस लगाया जाएगा और गूगल अर्थ मैप के माध्यम से पूरे जुलूस पर पैनी नजर रखी जाएगी। बता दें इस वर्ष 107 अखाड़ा सड़क पर उतरेंगे और इसे लेकर पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पहली बार प्रशासन भरपूर टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा है। पूरे अखाड़ा को जीपीएस से मॉनिटर किया जाएगा और गूगल अर्थ मैप का सहारा लिया जाएगा। हर अखाड़ा को यूनिफाइड कोड मुहैया कराया गया है। इसमें पहला अक्षर थाना का, जुलूस की संख्या, जुलूस के प्रस्थान स्थान का नाम और अखाड़े के अध्यक्ष और सचिव का नाम तथा मोबाइल नंबर अंकित रहेगा, जिसे गूगल अर्थ सर्च इंजन के माध्यम से मॉनिटर किया जाएगा। जुलूस मार्ग पर 10 सहायक मंच तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें डीएसपी रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे।
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सभी मंच टेक्नोलॉजी के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। 8 किलोमीटर लंबे जुलूस मार्ग पर विशेष नजर रखी जाएगी। वहीं 51 सरकारी और निजी अस्पताल घायलों के इलाज के लिए तैयार रहेंगे और निशुल्क फर्स्ट एड दिया जाएगा। 10 बाइक एम्बुलेंस तैयार की गई हैं और हर मंच के साथ एक एम्बुलेंस तैनात रहेगा। सभी 10 मंच को वही सुविधाएं दी जाएंगी जो मुख्य मंच को दी जा रही हैं। पूरा जुलूस 143 सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटर किया जाएगा। 50 नाइट डिवीजन दूरबीन 50 भवनों पर लगाए जाएंगे, जहां 100 से अधिक जवान अपनी सेवाएं देंगे। पूरे जिले में सैकड़ों की संख्या में ड्रोन आकाश से नजर बनाए रखेंगे। पहली बार 16 असका लाइट और 20 मोबाइल इलेक्ट्रिक यूनिट तैयार की जा रही हैं। 5000 से अधिक बल सड़क पर तैनात रहेंगे। इसके अलावा आम जनता के लिए पेयजल और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है।

हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि टेक्नोलॉजी और मानव शक्ति का बेजोड़ तालमेल इस जुलूस में देखने को मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि हजारीबाग की ऐतिहासिक रामनवमी का आनंद सभी लोग उठाएं, लेकिन कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं है। वहीं सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। हजारीबाग जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के लिए अलग यूनिट तैयार की गई है। अब तक 20 सोशल मीडिया हैंडलरों को नोटिस जारी किया गया है और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने का आदेश दिया गया है। सदर एसडीपीओ अमित आनंद ने बताया कि हजारीबाग का रामनवमी बेहद खास है। सोशल मीडिया में आपत्तिजनक या भ्रामक जानकारी अफवाह फैलाने का कारण बन सकती है। इसलिए विशेष रूप से सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पोस्ट करने से पहले सत्यता जांच लें और उन्माद फैलाने वाला पोस्ट न करें। जो भी व्यक्ति आपत्तिजनक पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार हजारीबाग पुलिस ने सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बार सड़क से लेकर आकाश तक हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।