हजारीबाग
हजारीबाग में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलाव, निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया और उसकी IT प्रणाली को लेकर पारदर्शिता की मांग की है। रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह जिला प्रभारी राजीव रंजन प्रसाद, प्रदेश प्रवक्ता जकाउल्ला और जिलाध्यक्ष जेपी पटेल ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर पार्टी का पक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 28 सितंबर को हजारीबाग जिला मुख्यालय से कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला जाएगा। पार्टी के अनुसार, यह कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में बदलाव के मुद्दे को लेकर आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए
साथ ही नागरिकों को आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। प्रेस कांफ्रेंस में निर्वाचन आयोग की IT प्रणाली और डेटा प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने डिजिटल प्रणालियों और चुनावी डेटा प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाओं के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की है। इसके अलावा कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की मांग रखी है। हालांकि, ये आरोप और मांगें कांग्रेस की ओर से रखी गई हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसमें किसी भी बदलाव की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर 28 सितंबर को विरोध मार्च का ऐलान किया है। अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग और संबंधित स्तर पर कांग्रेस की इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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