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चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में हाइवा की चपेट में आने से मजदूर की मौत, मुआवजा-नौकरी की मांग पर हंगामा

चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में हाइवा की चपेट में आने से मजदूर की मौत, मुआवजा-नौकरी की मांग पर हंगामा

सितेश तिवारी, हजारीबागः

हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र स्थित चिंतपूर्णी स्टील प्लांट में मंगलवार शाम दर्दनाक हादसे में मजदूर नरेश महतो की मौत हो गई। वह प्लांट के इंगोट विभाग में काम करता था। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे गर्म लोहे की वजह से अधिक गर्मी महसूस होने पर नरेश विभाग से बाहर निकला था। इसी दौरान 22 चक्का हाइवा संख्या JH 02 BM 9340 की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि नरेश की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मांडू थाना क्षेत्र के बलसागरा के पतरवा टोला का रहने वाला था। हादसे के बाद प्लांट में काम करने वाले मजदूरों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। देर रात तक शव मौके पर ही पड़ा रहा और मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर हंगामा जारी रहा।

 

मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन

घटना की जानकारी मिलते ही नरेश के परिजन, साथी मजदूर और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्लांट पहुंचे। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन से मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की और मांग पूरी होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजनों के अनुसार, 45 वर्षीय नरेश महतो पिछले करीब 25 वर्षों से प्लांट में काम कर रहा था। वह अपने पीछे दो पत्नियों और दो बच्चों को छोड़ गया है। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, कुछ मजदूरों ने हाइवा चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक नशे में था और उसकी लापरवाही के कारण नरेश वाहन की चपेट में आया। हालांकि, चालक के नशे में होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे के बाद मजदूरों और ग्रामीणों ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मजदूरों की सुरक्षा और वेतन भुगतान से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि प्लांट में सेफ्टी इंजीनियर तक मौजूद नहीं है और लेबर कोड के प्रावधानों का भी पालन नहीं हो रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

घटना के बाद रामगढ़ विधायक ममता देवी, मांडू विधायक निर्मल महतो, भाजपा नेता शिवलाल महतो समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि प्लांट पहुंचे और कंपनी प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और आश्रित को नौकरी देने की मांग रखी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही। दूसरी ओर, कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों और ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्लांट में निर्धारित सभी नियमों का पालन किया जाता है। प्रबंधन के अनुसार, मंगलवार को ही मजदूरों को वेतन दिया गया था और नरेश महतो भी वेतन के रुपये गिनते हुए बाहर निकल रहा था। इसी दौरान वह हाइवा की चपेट में आ गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Tags - Hazaribagh Accident Chintpurni Steel Plant Naresh Mahto Charhi Jharkhand News