द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
हजारीबाग में सरकारी और वन भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री तथा गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की विशेष छापामारी टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने 7 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई करते हुए तीन भूमि विक्रेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को विधिवत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25, दिनांक 25 सितंबर 2025 से संबंधित है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(d) के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

तत्कालीन अधिकारियों और भू-माफियाओं पर आरोप
एसीबी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म की जंगल भूमि को कथित तौर पर अवैध तरीके से हासिल किया गया। इसके बाद इन जमीनों की खरीद-बिक्री करने और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया भी अपनाई गई। इस मामले में एसीबी की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है। तत्कालीन अंचलाधिकारी समेत अन्य सरकारी पदाधिकारी, भू-माफिया, जमीन के क्रेता और विक्रेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में अब तीन और भूमि विक्रेताओं की गिरफ्तारी की गई है।
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तीन भूमि विक्रेता गिरफ्तार
एसीबी हजारीबाग की ओर से गठित विशेष छापामारी दल ने 7 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई करते हुए 68 वर्षीय विश्वेश्वर प्रजापति, 62 वर्षीय शंकर प्रजापति और 61 वर्षीय रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी हजारीबाग के मफस्सिल थाना क्षेत्र के नया खाप टोला, मुकुंदगंज के रहने वाले बताए गए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों के पिता का नाम स्वर्गीय महावीर प्रजापति और स्वर्गीय रामेश्वर साव दर्ज है। एसीबी की विशेष टीम द्वारा कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को विधिवत न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। सरकारी और वन भूमि से जुड़े इस मामले में एसीबी की जांच के दौरान इससे पहले भी कई सरकारी पदाधिकारियों, भू-माफियाओं, क्रेताओं और विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा चुकी है।