रांची
रांची के हटिया डाकघर से एक गंभीर वित्तीय अनियमितता और संदिग्ध धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक वरिष्ठ नागरिक दंपति के खाते से लगभग 6.80 लाख की राशि अवैध तरीके से निकाल ली गई और खाता बंद कर दिया गया। पीड़ित खाताधारक क्रिस्टोफर जॉर्ज और उनकी पत्नी ऐलिस जॉर्ज ने हटिया डाकघर में संयुक्त रूप से 5 लाख की राशि Monthly Income Scheme (MIS) में जमा की थी। खाते की maturity 18 मार्च 2026 को पूरी हुई थी। बताया गया कि maturity के बाद दंपति राशि को दोबारा MIS योजना में निवेश करना चाहते थे। इसी दौरान हटिया डाकघर के तत्कालीन डाकपाल संतोष कुमार द्वारा KYC प्रक्रिया के नाम पर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए।

CPMG कार्यालय में खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब 14 मई 2026 को एक व्यक्ति अनिल चौधरी ने खाताधारक को फोन कर ब्याज राशि लौटाने की बात कही। शक होने पर पीड़ित परिवार Chief Postmaster General कार्यालय पहुंचा जहां उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित पोस्टमास्टर 11 मई से निलंबित हैं और उनके खाते से 6.80 लाख की निकासी कर खाता बंद कर दिया गया है।

SMS जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
मोबाइल SMS की जांच में सामने आया कि 22 अप्रैल 2026 को खाते से जुड़ा registered mobile number बदल दिया गया था। उसी दिन खाते से पूरी राशि cash withdrawal के जरिए निकाली गई और देर रात खाता बंद कर दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें किसी भी निकासी या मोबाइल नंबर परिवर्तन की जानकारी नहीं दी गई। मामले में डाकघर कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत और संगठित भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। 15 मई को हटिया डाकघर पहुंचने पर पीड़ित परिवार और शिकायतकर्ता ने कर्मचारियों की गतिविधियों को संदिग्ध बताया। आरोप है कि कर्मचारियों के बीच बातचीत और व्यवहार से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि कई लोग पूरे मामले की जानकारी रखते थे।