गुमला
गुमला जिला के सिसई प्रखंड के रेडवा में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड के बैनर तले संपूर्ण ओबीसी समाज की बृहद बैठक हुई। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ओबीसी आरक्षण, अधिकार और आगामी जनगणना में ओबीसी कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तय की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वक्ताओं ने 27 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 14 प्रतिशत किए जाने तथा सात जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य होने का मुद्दा उठाया। वहीं जनगणना के प्रारूप में ओबीसी कॉलम नहीं होने पर भी नाराजगी जताई गई।
.jpeg)
धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया
बैठक में 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस व पुतला दहन, 6 अक्टूबर को नेशनल हाईवे चक्का जाम और 7 अक्टूबर को विभिन्न उस्थानों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में मौजूद अरुण साहू ने कहा कि जिस तरह से ओबीसी को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है वह निश्चित रूप से सही नहीं माना जाएगा। हक अधिकार को मारा जा रहा है। उसका पूरा प्रभाव उनके जीवन शैली और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इन मुद्दों पर विचार करना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर, समाज गोलबंदी कर आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वोट बहिष्कार का निर्णय भी लिया जा सकता है। बैठक में गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, खूंटी, सहित अन्य स्थानों के लोग शामिल हुए।
