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गुमला में हिंडाल्को के खिलाफ आंदोलन सातवें दिन भी जारी, सड़क निर्माण को लेकर वार्ता में नहीं बनी बात

गुमला में हिंडाल्को के खिलाफ आंदोलन सातवें दिन भी जारी, सड़क निर्माण को लेकर वार्ता में नहीं बनी बात

गुमला 
गुमला के घाघरा में हिंडाल्को के खिलाफ चल रहे आंदोलन के सातवें दिन अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन ने आंदोलनकारियों से वार्ता की। अंचलाधिकारी खाखा सुशील कुमार, हिंडाल्को के मैनेजर अखिलेश्वर सिंहा और एसआई विकास कुमार पुलिस बल के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे। अधिकारियों के साथ करीब 100 जवानों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने उपायुक्त और जीएम के समक्ष रखी गई अपनी मांगों को दोहराते हुए पूछा कि क्या अब इन मांगों को पूरा किया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उपायुक्त के समक्ष जीएम ने एक सप्ताह के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू करने की बात कही थी, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। इस पर हिंडाल्को के मैनेजर ने कहा कि पक्की सड़क बनाना संभव नहीं है और पहले की तरह मिट्टी-मोरम की सड़क ही बनाई जाएगी। मैनेजर की इस बात पर आंदोलनकारी महिला-पुरुष भड़क गए। 


मैनेजर को धक्का मारकर आंदोलनकारियों ने भगाया
हिंडाल्को के मैनेजर ने आंदोलनकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। आंदोलनकारियों को यह विश्वास था कि इस बार सड़क का काम शुरू हो जाएगा, पर ऐसा नहीं हुआ। मैनेजर ने आकर मिट्टी-मोरम रोड बनाने की बात जैसे ही कही, सभी आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए और उन्हें आंदोलन स्थल से जाने के लिए विवश कर दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि करमा पर्व के बाद हिंडाल्को के ऑफिस में तालाबंदी की जाएगी। हिंडाल्को 52 साल से इस इलाके में खनन का काम कर रही है, पर यहां के लोगों के बारे में उन्होंने नहीं सोचा।
सड़क बनाओ नहीं तो सड़क छोड़ो
आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क बनाओ नहीं तो सड़क छोड़ो। यह सड़क हम ग्रामीणों की है। यहां हम लोगों को चलना है, यहां बॉक्साइट ट्रकों को नहीं चलना है। यदि बॉक्साइट ट्रक चलाना है तो सड़क बनाना पड़ेगा। जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक बॉक्साइट ट्रक नहीं चलने दिया जाएगा।


 

Tags - Gumla Ghaghra Hindalco Bauxite Mining Protest