द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पेंगोलिन (बज्रकीट) की तस्करी करने वाले तस्करों की गिरफ्तारी के बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) गुमला बिलाल अहमद ने वन प्रमंडल कार्यालय में प्रेस वार्ता कर मामले की विस्तृत जानकारी दी। प्रेस वार्ता के दौरान डीएफओ ने बताया कि गुमला वन प्रमंडल एवं पालकोट वन्यजीव आश्रयणी क्षेत्र से पेंगोलिन की अवैध तस्करी में संलिप्त कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान तस्करी से संबंधित कई सामग्री भी जब्त की गई है, जिसकी कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। डीएफओ बिलाल अहमद ने बताया कि पेंगोलिन, जिसका वैज्ञानिक नाम Pangolin (बज्रकीट) है, एक संरक्षित और विलुप्तप्राय वन्यजीव प्रजाति है। इसकी अवैध तस्करी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जाती है और इसे चीन तक भेजा जाता है, जहां इसके अंगों का उपयोग किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पेंगोलिन की लगातार हो रही तस्करी के कारण यह प्रजाति पूरी तरह से विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई है, जो अत्यंत चिंताजनक विषय है। वन विभाग इस दिशा में लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। प्रेस वार्ता में मौजूद प्रोबेशनर डीएफओ ने बताया कि इस अवैध धंधे में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। उनकी पहचान कर कार्रवाई के लिए वन विभाग की पूरी टीम लगातार छापेमारी और जांच में जुटी हुई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
