द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में राजस्व एवं अंचल से जुड़ी जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु गुमला जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। अब जिले के प्रत्येक प्रखंड में हर शनिवार को ‘अंचल दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। इसकी विधिवत शुरुआत आज घाघरा प्रखंड से की गई, जहां स्वयं उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित उपस्थित रहीं और उन्होंने नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। मौके पर कई आवेदनों का समाधान तत्काल किया गया।
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के गुमला में पदस्थापन के बाद आयोजित जिला स्तरीय जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान बड़ी संख्या में अंचल से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अब तक ऐसे 120 से अधिक आवेदन भूमि, दाखिल खारिज, राजस्व अभिलेखों में सुधार, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र एवं अन्य अंचल सेवाओं से संबंधित प्राप्त हुए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से प्राप्त मार्गदर्शन के आधार पर उपायुक्त ने जिले के सभी अंचलों में हर शनिवार को अंचल दिवस आयोजित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को बार-बार जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता से मुक्त कर सुविधा प्रदान करना है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंचल से संबंधित समस्याओं के निवारण हेतु अपने नजदीकी अंचल अधिकारी से संपर्क करें एवं योजनाओं व विकास कार्यों से संबंधित विषयों में प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क स्थापित करें। यदि प्रखंड स्तर पर समाधान नहीं होता है तो वे जिला मुख्यालय आ सकते हैं, जहां उपायुक्त स्वयं उनके सहयोग के लिए तत्पर रहेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को LRDC एवं SDO स्तर पर भी जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित किए जाएंगे।
आज आयोजित घाघरा प्रखंड के अंचल दिवस में पूर्वाह्न 11 बजे से संध्या 5 बजे तक उपायुक्त द्वारा जनसुनवाई की गई। इस दौरान नागरिकों ने बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं साझा कीं। शिविर में दाखिल खारिज से संबंधित दस आवेदनों का तत्काल समाधान कर शुद्धिपत्र लाभुकों को वितरित किया गया। अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र बड़ाइक ने मौके पर ही पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया। भूमि प्रतिवेदन से संबंधित पंद्रह में से आठ, भूमि सत्यापन प्रतिवेदन के दो मामलों का निष्पादन किया गया। जाति, आय तथा आवासीय प्रमाण पत्र से संबंधित तेरह-तेरह में से आठ-आठ मामलों का समाधान किया गया। पारिवारिक सूची हेतु तीन, भूमि विवाद से संबंधित बाईस में से ग्यारह, पंजी दो सुधार के छह में से एक तथा विविध श्रेणी के पांच में से एक आवेदन का समाधान भी मौके पर ही किया गया।
अंचल दिवस के इस पहले शिविर में जिला प्रशासन की टीम सक्रिय रूप से उपस्थित रही। मौके पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र बड़ाइक, राजीव रोशन, अंचल अधिकारी घाघरा, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित राजस्व विभाग के सभी कर्मी व पदाधिकारी मौजूद रहे। शिविर की सफलता के लिए उपायुक्त ने अंचल अधिकारी एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए आभार जताया।
उपायुक्त के निर्देशानुसार आगामी अंचल दिवस की तिथियां पूर्व में ही प्रकाशित की जा चुकी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार
19 जुलाई को गुमला
26 जुलाई को सिसई
2 अगस्त को जारी
23 अगस्त को डुमरी
30 अगस्त को चैनपुर
6 सितंबर को रायडीह
13 सितंबर को कामडारा
20 सितंबर को बिशुनपुर
27 सितंबर को पालकोट
4 अक्टूबर को भरनो
11 अक्टूबर को बसिया
में अंचल दिवस का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। इन शिविरों में उपायुक्त या जिले के वरीय पदाधिकारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी।
इस पहल को लेकर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के निर्धारित तिथि पर आयोजित अंचल दिवस में भाग लें और राजस्व एवं अंचल से जुड़ी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अंचल दिवस केवल सेवा वितरण का माध्यम नहीं है, बल्कि प्रशासन द्वारा जनता के बीच जाकर जनसरोकारों को समझने और उनके समाधान की दिशा में एक प्रतिबद्ध प्रयास है।
