रांची:
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने तृणमूल कांग्रेस में मची भगदड़ को लेकर कहा कि बाबा की नगरी में कही गई हर बात सच साबित होती है। निशिकांत दुबे ने कहा कि अभी इंतजार कीजिए, 1-2 दिन में हमें और जानकारी मिल जाएगी। गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव के समय सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि चुनाव परिणाम आने के बाद तृणमूल कांग्रेस समाप्त हो जाएगी। मौजूदा स्थिति यह है कि लोकसभा में टीएमसी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए हैं तो वहीं बंगाल विधानसभा में 80 में से 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया है। 2 राज्यसभा सांसदों ने भी इस्तीफा दिया है।
अटकलें तो यहां तक लगाई जा रही है कि ममता बनर्जी, टीएमसी का कांग्रेस पार्टी में विलय कर सकती हैं। दावा किया जा रहा है कि विलय की स्थिति में अभिषेक बनर्जी ने ममता बनर्जी के लिए राज्यसभा में नेता विपक्ष का पद मांग लिया है।
#WATCH | Deoghar, Jharkhand: On his statement 'TMC will end after the Bengal elections,' BJP MP Nishikant Dubey says, "In Baba's city, everything said turns out to be true. In 1-2 days, we will know more." pic.twitter.com/T0hWfO8Bxs
— ANI (@ANI) June 11, 2026
चुनाव में टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई। भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत हासिल करके आजादी के बाद पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाई। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद से ही टीएमसी में भगदड़ मची है। हैरानी की बात है कि बागी सांसदों की सूची में ममता बनर्जी की विश्वस्त मानी जा रहीं युवा सांसद सायोनी घोष का नाम भी शामिल है। आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी बागी गुट में हैं। इससे पहले 60 विधायकों ने बगावत कर दी और खुद को असली टीएमसी बताया। ममता बनर्जी इस बीच दिल्ली जाकर सोनिया गांधी से कई दौर की मुलाकात कर चुकी हैं। चर्चा है कि दोनों के बीच टीएमसी का कांग्रेस पार्टी में विलय करने को लेकर चर्चा हुई है।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गुस्से में नेता
बताया जा रहा है कि टीएमसी के भीतर पार्टी के महासचिव और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर नाराजगी है। पार्टी से निष्कासित रिजु दत्ता ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने पिछले 1 साल में सभी सांसदों और विधायकों का अपमान किया। पार्टी के प्रवक्ताओं के साथ तो गुलामों जैसा व्यवहार किया। कोयला चोरी, शिक्षक भर्ती घोटाला समेत अन्य अपराधों की वजह से केंद्रीय एजेंसियों की चार्जशीट में उनका नाम है। वह पार्टी को मोनोपॉली से चलाना चाहते हैं, जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ है। पार्टी के वरीय सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि यदि अभिषेक बनर्जी पार्टी में रहेंगे तो मैं नहीं रहूंगा।