द फॉलोअप डेस्क:
Godda newborn case: आखिर समाज किस दिशा में जा रहा है? एक ओर संतान की चाह में दंपती वर्षों तक मंदिरों में मन्नतें मांगते हैं, कठिन व्रत रखते हैं और इलाज से लेकर कृत्रिम गर्भाधान तक का सहारा लेते हैं। वहीं, दूसरी ओर जन्म के बाद नवजात को जंगल या कूड़ेदान में छोड़ देने की घटनाएं इंसानियत को झकझोर देती हैं। गोड्डा (Godda) जिले के महागामा ( Mahagama) थाना क्षेत्र में मंगलवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। जंगल की ओर गए कुछ ग्रामीणों की नजर वहां एक नवजात शिशु पर पड़ी। नवजात को इस हालत में देखकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
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जंगल में नवजात मिलने से उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस नवजात के माता-पिता कौन हैं और किन परिस्थितियों में उसे सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया? घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। नवजात के मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। बच्चे को देखकर कई लोग भावुक नजर आए। वहीं, इस घटना को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को जंगल में कौन और कब छोड़कर गया। एक ओर संतान की चाह में वर्षों तक इंतजार करने वाले परिवार हैं, तो दूसरी ओर जन्म के बाद नवजात को छोड़ दिए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे मामले समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
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