गिरिडीह
गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुलगो निवासी गिरधारी सिंह के 20 वर्षीय पुत्र कृष्णा सिंह उर्फ बंटी जो 29 मार्च को पुणे काठवाडी में बन रहे रिंगरोड में अपने चाचा मेघवाल सिंह के साथ काम करने के लिए गए थे। वह आरवीआर कंपनी में कार्यरत था। बंटी बीते 6 जुलाई से पुणे स्टेशन से लपता है। उन्होंने फोन पर परिवार को बताया था कि मैं घर आ रहा हूँ। उसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद आ रहा है। जिससे परिवार के लोगों को शक हो रहा है कि कृष्णा सिंह के साथ कोई अप्रिय घटना हुई है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। इस चिंता के बीच परिवार के सामने आजीविका चलाना भी मुश्किल हो गया है।
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राज्य में ही रोजगार की ठोस व्यवस्था हो
बंटी के माता-पिता हर पल उनके सकुशल लौटने की राह देख रहे हैं। अपने बेटे की खोजबीन के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं। वहीं इसकी सूचना मिलने पर प्रवासी मजदूर के हितार्थ में काम करने वाले सिकन्दर अली लापता युवक के घर पहुंचे और परिजनों को मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने झारखंड सरकार से जल्द से जल्द खोजबीन करने की मांग की है। मौके पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का मुख्य मुद्दा पलायन और प्रवासी मजदूरों की समस्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक झारखंड के युवा रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में जाते रहेंगे। सरकार को चाहिए कि राज्य में ही रोजगार की ठोस व्यवस्था करे, ताकि मजदूरों को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़े।
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