logo

गढ़वा में हाथियों का आतंक, सिंजो गांव में ग्रामीण को पटक-पटक कर मार डाला

elephant_ATTACK.jpg

गढ़वा 

गढ़वा जिले के रंका वन प्रमंडल के सीमावर्ती क्षेत्र अंतर्गत सिंजो गांव में शुक्रवार की अहले सुबह जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। मृतक की पहचान सिंजो निवासी इंद्रदेव यादव (50 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि सुबह करीब 3:30 बजे इंद्रदेव यादव अपने घर के बाहर निकले थे, तभी पहले से गांव के आसपास घूम रहे एक जंगली हाथी ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर कई बार पटका, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक हुई घटना से परिजनों और आसपास के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा

हाथी के हमले के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से दूर भगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक इंद्रदेव यादव की जान जा चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद वनपाल राजीव कुमार पांडेय रंका थाना पुलिस के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई। परिजन एवं ग्रामीण ने कहा कि सिंजो तथा आसपास के गांवों में पिछले कई महीनों से जंगली हाथियों का आतंक लगातार मचा हुआ है।

दर्जनों लोगों की जान जा चुकी

हाथियों के झुंड अक्सर रात के समय गांवों में प्रवेश कर फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार ग्रामीणों को अपनी जान बचाने के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के बढ़ते आतंक के कारण अब तक दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इस संबंध में गढ़वा जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी एनी बेनी अब्राहम ने बताया कि विभाग के द्वारा कल ही अलर्ट जारी किया गया था सिंजो और उनके अगल-बगल गाँव मे हाथियों को लेकर क्यूआरटी टीम को भी अलर्ट  किया गया था। इसी बीच सिंजो में सुबह हाथी के द्वारा एक व्यक्ति की पटक कर मारा गया है। झारखंड सरकार के नए नियम के अनुसार मुआवजा की राशि को बढ़ाते हुए एक लाख अग्रिम एवं शेष नौ लाख के लिए प्रोसेस मे डाला गया है बाकी की प्रक्रिया चल रही है।

Tags - Ranka Forest Division Human Elephant Conflict Jharkhand Forest Department