गढ़वा:
झारखंड के गढ़वा जिले में हाल की घटनाओं ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जिले के अलग-अलग जंगलों में हाथी और भालू के शव मिलने के साथ ही हिरण और जंगली सूअर के मांस की बरामदगी से शिकारियों की सक्रियता की आशंका भी जताई जा रही है। गढ़वा के जंगलों में बाघ, हाथी, भालू, तेंदुआ, हिरण और नीलगाय समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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चिनिया में हाथी, बड़गढ़ में मिला भालू का शव
कुछ दिन पहले चिनिया के जंगल से वन विभाग ने एक हाथी का शव बरामद किया था। वहीं, करीब एक सप्ताह पहले बड़गढ़ के जंगल में भालू का शव मिला था। दोनों मामलों में वन विभाग ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हाथी की मौत बीमारी के कारण होने की बात सामने आई, जबकि भालू के शरीर पर चोट के कई निशान मिले। इसके बाद वन विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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चार राज्यों की सीमा से जुड़ा है गढ़वा
गढ़वा जिला भौगोलिक रूप से भी वन्यजीवों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसकी सीमा छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार से लगती है। इसके अलावा पलामू और लातेहार जिले भी गढ़वा से सटे हैं। लातेहार का बेतला क्षेत्र और छत्तीसगढ़ का गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व आसपास के बड़े वन क्षेत्रों में शामिल हैं। ऐसे में इन वन क्षेत्रों के बीच वन्यजीवों का आवागमन भी बना रहता है।
रमना में मिले थे हिरण के सींग और खाल
कुछ महीने पहले रमना वन क्षेत्र में वन विभाग ने 12 सींग वाले हिरणों के सींग और खाल बरामद की थी। इस मामले में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हालांकि, मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। इससे पहले भी जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के शिकार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
बकरी के झुंड में मिला हिरण का बच्चा
भवनाथपुर के मंडरा जंगल में बकरियों के झुंड के बीच हिरण का एक बच्चा मिला था। वन विभाग ने उसे अपने संरक्षण में ले लिया है। इसी क्षेत्र में हिरण और जंगली सूअर के शिकार की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हाल में हिरण और जंगली सूअर का मांस मिलने की घटनाओं ने भी वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
शिकारियों पर नजर रखने का दावा
वन विभाग का कहना है कि जंगलों में शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीमों को सतर्क किया गया है। वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। विभाग ने वन्यजीवों के शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच अब वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों में निगरानी व्यवस्था को लेकर विभाग की सक्रियता पर नजर रहेगी।