गढ़वा
गढ़वा जिले मे वन भूमि पर वृक्षारोपण करने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए मारपीट के बाद, कोरवा समुदाय के लोग जिला समहरणालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। दरअसल जिले के मेराल थाना क्षेत्र के कुसमाही गाँव में बीते 26 जुलाई को वन भूमि पर वृक्षारोपण करने गए आदिम जनजाति (कोरवा-परहिया) परिवारों पर हुए कथित हमले एवं अन्याय के विरोध में लोग अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं। वहीं धरना दे रहे वक्ताओं ने कहा की वन विभाग द्वारा बांस रोपण के दौरान ग्राम सभा के लोगों ने केवल यह जानना चाहा कि यह कार्य किसके आदेश से किया जा रहा है तथा नियुक्त दण्डाधिकारी कौन हैं। इसी दौरान हमारे ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई, जिसमें केश्वर परहिया (72 वर्ष) और बिरेंद्र कोरवा (29 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन
साथ ही महिलाओं के साथ भी मारपीट, गाली-गलौज तथा जातिसूचक अपमान किए जाने का आरोप है। उन्होंने धरना के माध्यम से कई मांग रखी है जिसमें एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य उपयुक्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हो। सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो। बांस रोपण योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए, जब तक ग्राम सभा की सहमति एवं कानूनी प्रक्रिया का पालन न हो। घायल बिरेंद्र कोरवा एवं केश्वर परहिया का बेहतर चिकित्सा उपचार कराया जाए। घायलों एवं पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा एवं न्याय प्रदान किया जाए। वहीं इस मामले को लेकर गढ़वा एसडीएम मयंक भूषण ने कहा कि मारपीट कैसे हुई, क्यों हुई इसे लेकर मेरे नेतृत्व मे तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। हमलोग जांच कर रहे हैं, धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है हमारी बातचीत जारी है।
