द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के नेतृत्व में गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के रंका, बिश्रामपुर, रमकंडा प्रखंड और बालीगढ़ पंचायत के दर्जनों लागों के साथ-साथ मंडल डैम के विस्थापित परिवारों ने विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी से मिलकर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया एवं न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि मंडल डैम के विस्थापित परिवारों को रंका और रमकंडा प्रखंड के जिस स्थान पर बसाया जा रहा है, उस जंगल से आस-पास लगभग बीस गाँव के लोगों का जीवन यापन होता है। स्थानीय लोग उस जंगल से महुआ चुनकर, जड़ी बूटी लाकर, पत्तल दोना बनाकर अपना आजीविका चलाते हैं, लेकिन सरकार के निर्देश पर गढ़वा जिला प्रशासन बलपूर्वक उस जंगल में विस्थापितों को बसा रही है, जिससे हजारों आदिवासी परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया है। बिश्रामपुर-बालीगढ़ के लोगों ने विस्थापितों को अन्यत्र बसाने की मांग बाबूलाल मरांडी से की।

साथ ही साथ मंडल डैम के विस्थापितों ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि हम सभी शहीद नीलांबर पीतांबर के वंशज हैं। जिस भूमि पर मंडल डैम का निर्माण किया जा रहा है, वो भूमि नीलांबर पीताम्बर की भूमि है। शहीद नीलांबर पीताम्बर के नाम को मिटाने के लिए आजादी से पहले अंग्रेजों ने उस भूमि पर डैम बनाने का निर्णय लिया था ताकि अमर शहीद का नामोनिशान मिट जाए। आज हमलोगों को जबरदस्ती विस्थापित कर के गढ़वा के बिश्रामपुर बालीगढ़ में जिस जमीन पर बसाया जा रहा है, वहां हम लोग जाना नहीं चाहते हैं। वर्तमान में हम जिस जगह पर रहते हैं, वो जगह पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आता है, अभी हमलोग पेसा कानून के तहत आते हैं लेकिन हमलोगों को जहां विस्थापित किया जा रहा है, वह सामान्य पंचायत है। वहां बसाए जाने से हमारा हक और अधिकार का हनन होगा। विस्थापित परिवार के लोगों ने भी विस्थापन का विरोध करते हुए बाबूलाल मरांडी से न्याय की गुहार लगायी।
