नंदलाल तुरी
साथी योजना और मिशन आलोक कार्यक्रम के तहत रविवार को शहर के मद्यपाड़ा में गैलेक्सी द ग्लोबल कंप्यूटर संस्थान की ओर से निःशुल्क नामांकन प्राप्त अनाथ बच्चों के लिए शिक्षा कीट, गरीबों के बीच कंबल और प्रशिक्षण प्राप्त छात्रों के बीच प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी अम्लान कुसुम सिंहा (बुल्टी) उपस्थित रहे। संस्थान के संस्थापक आलम अली ने पुष्पगुच्छ और शॉल देकर अतिथि का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया।
अम्लान कुसुम सिंहा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पाकुड़ जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा बहुत आवश्यक है और संस्थान द्वारा यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई गरीब बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, ऐसे छात्रों के लिए यह कदम लाभदायक होगा। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर कंप्यूटर का प्रशिक्षण लेने और बेहतर भविष्य बनाने की प्रेरणा दी।
संस्थान के संस्थापक आलम अली ने कहा कि कोई भी बच्चा पैसे की कमी के कारण कंप्यूटर शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से संस्थान ने 30 अनाथ बच्चों का निःशुल्क नामांकन लिया है और सभी बच्चों को एक वर्ष तक निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। नामांकन बच्चों को शिक्षा कीट भी वितरित किए गए। साथ ही 28 बच्चों को तीन महीने का निःशुल्क टाइपिंग कोर्स सिखाया गया, और उनका प्रमाण पत्र एवं उपहार वितरण कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व पार्षद अंजना राउत, गैलेक्सी द ग्लोबल के ट्रस्टी मो उमर फारूक, मिनाज आलम, इरशाद नाज, शिक्षक अमन मिश्रा, समेरुल इस्लाम, जीनत प्रवीण, नंदनी वर्मन सहित अन्य लोग उपस्थित थे। संस्थान ने पाकुड़, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, साहिबगंज जिले के कोटालपोखर सहित अन्य क्षेत्रों से आए अनाथ बच्चों का निःशुल्क नामांकन लिया और उन्हें शिक्षा कीट वितरित किए। तीन महीने का निशुल्क टाइपिंग कोर्स प्राप्त 28 बच्चों के बीच प्रमाण पत्र और उपहार मुख्य अतिथि के हाथों वितरित किए गए। इसके अलावा, बढ़ती ठंड के मौसम को देखते हुए संस्थान ने गरीब और असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण का भी आयोजन किया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लगभग 100 गरीबों को कंबल वितरित किए गए, जिन्हें पाकर उन्होंने संस्थान का हृदय से धन्यवाद किया।
