रांची
पंचायतों को मिली राशि पर बुधवार को पूर्व मंत्री भानुप्रताप शाही ने प्रेसवार्ता कर महागठबंधन की सरकार को घेरा था। इस दौरान उन्होंने इस पैसे पर कमीशनखोरी और बंदरबांट का भी आरोप लगाया था। इस पर अब JMM के महासचिव विनोद पांडेय ने BJP को लेकर बयान जारी किया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को गुमराह करने और सस्ती राजनीति करने में BJP को महारत हासिल है। आज जो पंचायतों के लिए राशि की बात BJP कर रही है, वह कोई कृपा नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्यों का अधिकार है। केंद्र सरकार द्वारा जो भी राशि भेजी जाती है, वह करदाताओं के पैसे से आती है, न कि किसी पार्टी की जेब से।
भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया निराधार
BJP के नेताओं का झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना पूरी तरह निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। हकीकत यह है कि हमारी सरकार पंचायतों को मजबूत करने, ग्रामीण विकास को गति देने और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है, और हर योजना का क्रियान्वयन नियमों के तहत हो रहा है।
BJP को नसीहत- अपने शासित राज्य पहले देखें
BJP को पहले अपने शासित राज्यों की स्थिति पर नजर डालनी चाहिए, जहां पंचायतों की हालत किसी से छिपी नहीं है। झारखंड में विकास कार्य लगातार हो रहे हैं, और केंद्र की योजनाओं को भी राज्य सरकार प्रभावी तरीके से लागू कर रही है।
‘कट-कमीशन’ की बात निराधार
जहां तक ‘कट-कमीशन’ की बात है, यह BJP की पुरानी राजनीतिक भाषा है, जिसका इस्तेमाल केवल आरोप लगाने के लिए किया जाता है। यदि किसी के पास ठोस प्रमाण है तो सामने लाएं, अन्यथा इस तरह के बेबुनियाद आरोप बंद करें।
गांव के विकास मे BJP करे सहयोग
JMM ने स्पष्ट किया कि पंचायतों को मिली राशि का उपयोग हमेशा की तरह पूरी पारदर्शिता और जनहित में किया जाएगा। BJP को भी अच्छी तरह मालूम है कि हेमंत सोरेन की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। BJP अगर सच में पंचायतों के विकास को लेकर गंभीर है, तो सहयोगात्मक राजनीति करे, न कि अनावश्यक भय और भ्रम फैलाए।