logo

मिडिल ईस्ट संकट की आड़ में अपनी विफलता छिपा रहे है PM मोदी -आलोक दूबे

alok5.jpg

रांची
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे केंद्र की नीतिगत और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता प्रमाण बताया है।आलोक दूबे ने कहा कि यदि देश की ईंधन आपूर्ति व्यवस्था मजबूत और पारदर्शी होती, तो सरकार को इस तरह के आपातकालीन प्रतिबंध लगाने की नौबत ही नहीं आती। केंद्र सरकार मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का बहाना बनाकर अपनी कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। 12 साल के शासन के बाद भी ईंधन आपूर्ति सुरक्षित नहीं
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 12 साल तक देश की सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा सरकार ईंधन आपूर्ति को सुरक्षित और सुचारू नहीं रख सकी है। उन्होंने कहा जनता को भरोसा देने और राहत पहुंचाने के बजाय मोदी सरकार देश में डर का माहौल पैदा कर रही है। भाजपा एक तरफ देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और मजबूत बताती है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों, वाणिज्यिक संस्थानों और बड़े उपभोक्ताओं पर पाबंदियां थोप रही है।जमाखोरी के नाम पर उद्योगों पर डाला जा रहा बोझ
आलोक दूबे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जमाखोरी रोकने के नाम पर उद्योगों और संस्थानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने मांग की कि सरकार को ईंधन आपूर्ति और मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता लानी चाहिए ताकि आम जनता और उद्योगों में भरोसा पैदा हो सके। ठोस कार्ययोजना की मांग
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि पार्टी जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ किसी भी प्रभावी कदम का समर्थन करती है, लेकिन इसके लिए प्रतिबंधों के बजाय एक दूरदर्शी नीति और मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता है। केवल पाबंदियां लगाकर समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता।

Tags - Alok Kumar Dubey Congress Fuel Restrictions Modi Government Ranchi