रांची
बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में कोयला आपूर्ति के नाम पर एक कारोबारी से करीब 29 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। श्रीहरी कार्बन एनर्जी एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिषेक कुमार की शिकायत पर पुलिस ने एसके सिवांस एस्टेब्लाइजर प्राइवेट लिमिटेड और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता कारोबारी अभिषेक कुमार ने आरोप लगाया है कि एडवांस राशि लेने के बावजूद न तो कोयले की आपूर्ति की गई और न ही पैसा वापस किया गया।
29 लाख रुपये का एडवांस भुगतान
शिकायत के अनुसार, उनकी कंपनी श्रीहरी कार्बन एनर्जी एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2025 में 'एसके सिवांस स्टेबलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड' के साथ कोयला आपूर्ति का एक समझौता किया था। इस सौदे के तहत अलग-अलग तिथियों में RTGS के माध्यम से 29 लाख रुपये से अधिक की एडवांस राशि भुगतान के रूप में भेजी गई थी। आरोप है कि भुगतान प्राप्त होने के बाद भी तय समय पर कोयले की आपूर्ति नहीं की गई। जांच के दौरान, जिस कोयला स्टॉक को दिखाकर यह सौदा किया गया था, वह भी मौके पर मौजूद नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार पूछताछ करने पर संबंधित लोग बहाने बनाकर मामला टालते रहे।
अविनाश गुप्ता और अवधेश पाठक की भूमिका आई सामने
मामले में अविनाश कुमार गुप्ता और अवधेश पाठक की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कोयला नहीं मिलने के कारण उनका ऑर्डर रद्द हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, एडवांस राशि वापस मांगने पर कथित रूप से टालमटोल की गई और धमकी भरे जवाब दिए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।
पैसे लौटाने के नाम पर बहानेबाजी, पीड़ित को दी धमकी
मामले में अविनाश कुमार गुप्ता और अवधेश पाठक की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कोयला नहीं मिलने के कारण उनका ऑर्डर रद्द हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं एडवांस राशि वापस मांगने पर कथित रूप से टालमटोल और धमकी भरे जवाब दिए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।