द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में एक पूर्व पुलिस पदाधिकारी द्वारा सामाजिक पहल के तहत लंबे समय से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। इस वर्ष भी 101 जोड़ों की विधि-विधान से शादी कराकर कई परिवारों के जीवन में खुशियां लाने का प्रयास किया गया। इस पहल की लोगों ने व्यापक सराहना की है। गुमला जिले के तेलगांव निवासी पूर्व पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथ उरांव पिछले कई वर्षों से ऐसे जोड़ों की शादी करा रहे हैं, जो आर्थिक तंगी या अन्य सामाजिक कारणों से विवाह नहीं कर पाते और लंबे समय से पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे होते हैं। ऐसे दंपतियों को सामाजिक मान्यता नहीं मिलने के कारण उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है, विशेषकर अपने बच्चों के भविष्य को लेकर वे चिंतित रहते हैं। जगन्नाथ उरांव ने बताया कि उन्होंने एक कार्यक्रम में देखा था कि लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे जोड़ों का विवाह कर उन्हें सामाजिक मान्यता दी जा रही है। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपने क्षेत्र में इस पहल की शुरुआत की। तब से वे निरंतर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
इस वर्ष आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 101 जोड़ों का पारंपरिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। नवविवाहितों को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। समारोह में दूल्हा-दुल्हन के परिजन, ग्रामीण और दूर-दराज से आए लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। चार बच्चों के पिता चमड उरांव भी इस सामूहिक विवाह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विवाह के बाद उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान बढ़ेगा तथा बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होगा। समारोह में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इस पहल को सराहनीय बताया। उनका कहना है कि आर्थिक अभाव या अन्य कारणों से विवाह नहीं कर पाने वाले दंपतियों को सामाजिक मान्यता दिलाने का यह प्रयास न केवल उनके जीवन में सम्मान बढ़ाता है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करता है। ग्रामीणों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। कहा जा सकता है कि एक व्यक्ति की सकारात्मक सोच ने पूरे समाज को प्रेरित किया है, जिससे अनेक दंपतियों का जीवन सुखमय और सम्मानपूर्ण बन रहा है।
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