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जामताड़ा नगर पंचायत पर बरसे वीरेंद्र मंडल, कहा- ‘सफाई कर्मियों का मानदेय बकाया, छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई’

जामताड़ा नगर पंचायत पर बरसे वीरेंद्र मंडल, कहा- ‘सफाई कर्मियों का मानदेय बकाया, छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई’

जामताड़ा: 
Jamtara News: पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने जामताड़ा नगर पंचायत के वर्तमान बोर्ड की कार्यशैली (Working Style) पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर अतिक्रमण हटाओ अभियान (Anti-Encroachment Drive), सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय (Pending Honorarium) और दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर किए गए कथित संदिग्ध भुगतानों (Suspicious Payments) का मुद्दा उठाया। उन्होंने इन मामलों में प्रशासन से हस्तक्षेप (Intervention) करने और पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करने की मांग की।

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अतिक्रमण अभियान से छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित
वीरेंद्र मंडल ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के नाम पर भ्रम फैलाकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, जबकि इसकी पहल नगर पंचायत की ओर से ही की गई थी। उन्होंने दुर्गापूजा के दौरान अचानक चलाए गए इस अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे छोटे व्यापारियों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने अभियान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

तीन महीने से अधिक समय से सफाई कर्मियों का मानदेय बकाया
पूर्व अध्यक्ष ने सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को तीन महीने से अधिक समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि मानदेय का भुगतान नहीं होने से शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है और विभिन्न इलाकों में कचरे का अंबार लग रहा है। उन्होंने चुनाव के दौरान किए गए वादों का जिक्र करते हुए वर्तमान बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर भुगतान की जांच की मांग
वीरेंद्र मंडल ने दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर किए गए कथित संदिग्ध भुगतानों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को दूर किया जा सके। हालांकि, इन भुगतानों में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उपायुक्त से हस्तक्षेप करने की अपील
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने उपायुक्त से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि सफाई कर्मियों के बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराया जाए, शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए और दैनिक भोगी कर्मियों के नाम पर किए गए भुगतानों की जांच कराई जाए। उन्होंने नगर पंचायत के कामकाज में जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

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