द फॉलोअप डेस्क
झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा को निशाना साधते हुए कहा, "11 वर्षों से लगातार संविधान और जनतंत्र का गला घोंटने की कोशिश करने वाली भाजपा अपना काला सच छुपाने के लिए कांग्रेस को ढाल बनाती है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के मुद्दों पर सवाल पूछना भाजपा को नागवार गुजरता है।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर उन्होंने कहा, "अतीत के मामलों पर राजनीति करना, झूठ बोलना भाजपा के राजनीतिक चरित्र का हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में उनके पास कहने को कुछ नहीं है इसलिए जनता को 40 साल पहले और 40 साल बाद की बातों मे उलझाने की कोशिश करते हैं। दो महीने बाद भी पहलगाम के आरोपियों का ना पकड़ा जाना,मित्र हितों के लिए अमेरिका के आगे सरेंडर, विफल विदेश नीति, कमरतोड़ महंगाई, भयावह बेरोजगारी,भाजपा शासित राज्यों में भाजपा विधायक को नेताओं चरम सीमा पर पहुंचा अपराधिक कृत्य चंदे के बदले धंधा उनके एक दशक से ज्यादा के कार्यकाल की महान उपलब्धि है। आज देश में राजनीतिक- व्यवसायिक और विदेशी शक्तियों के अदृश्य गठजोड़ के सारी पर नीतियां तय हो रही हैं जो आम जनता के हितों के लिए नहीं बल्कि चंद औद्योगिक घरानों के आर्थिक हित साधने के लिए है।"
उन्होंने आगे कहा, "वंशवाद का विरोध करने वाली भाजपा आज तक खुद को मजबूत नहीं कर सकी है।भाजपा के 40% से अधिक सांसद कांग्रेस एवं अन्य दलों से हैं जिन्हें वह वंशवादी कहते हैं। आपातकाल के बाद जिनके पूर्वजों ने कांग्रेस का जयघोष करते हुए जीत हासिल की थी उन्हें आज राज्य का उपमुख्यमंत्री और केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने रखा है। वंशवाद पर बात करने से पहले विगत लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए गठबंधन के उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय मंत्री को देखना चाहिए अपने चेहरे की कालीख नजर आ जाएगी। वास्तविक आपातकाल आज है जिसमें छात्रों,युवाओं,महिलाओं,किसानो आदिवासी,पिछड़ा,दलित को सवाल पूछने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर दमन का सामना करना पड़ता है।"
उन्होंने कहा, "महागठबंधन सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन को केंद्रीय मंत्री के सलाह की आवश्यकता नहीं है। झारखंड सरकार अपना काम कर रही है। झारखंड को बारूद के ढेर पर बैठाने की भाजपा नेताओं ने भरपूर कोशिश की थी। लेकिन जनता ने इन्हें सिरे से खारिज कर भाजपा को संदेश दे दिया कि विभाजनकारी नीति झारखंड में नहीं चलने वाली है, इससे यह बिलबिला उठे हैं। घुसपैठ को बवंडर बनाकर बीजेपी झारखंड में सरकार बनाना चाह रही थी, लेकिन औंधे मुंह गिर पड़ी। घुसपैठ देश की सीमाओं से जारी है इसी कारण पहलगाम की घटना हुई और आतंकवादी पकड़े भी नहीं गए, घुसपैठ के मसले पर देश के गृह मंत्री अमित शाह असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल पूछना चाहिए और उनका ज्ञानवर्धन करना चाहिए।"
