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Flyover : L-1 होने के बाद अब शिड्युल रेट से 25 फीसदी तक Avobe में काम लेने में जुटी तीनों कंपनियां

L-1 होने के बाद अब शिड्युल रेट से 25 फीसदी तक Avobe में काम लेने में जुटी तीनों कंपनियां

जीतेंद्र कुमार

Ranchi Flyover News: राजधानी रांची के तीन मुख्य फ्लाई ओवरों का टेक्निकल और फायनांसियल बिड खुल चुका है। करमटोली-चिरौंदी फ्लाई ओवर के लिए शिवाल्या कंस्ट्रक्शन कंपनी(Shivalaya Construction Company), अरगोड़ा-चापूटोली के लिए दिनेशचंद्र अग्रवाल इंफ्राकॉन (Dinesh Chandra R Agrawal Infracon) और हरमू फ्लाईओवर के लिए हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) L-1 घोषित हो चुकी है। L-1 घोषित होने के लगभग 25 दिन बाद भी अंतिम रूप से टेंडर फाइनल नहीं हो पा रहा है। वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है। जानते हैं, क्यों? इसलिए कि तीनों ही कंपनियां अब शिड्युल रेट से ऊपर का दर कोट किया है। वह भी 25 फीसदी तक अधिक। इसलिए अब तीनों ही कंपनियां शिड्युल रेट से कहीं अधिक पर फ्लाई ओवर के निर्माण का काम लेने में लग गयी है। सेटिंग और गेटिंग का काम जारी है।

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो जिस तरह तीनों ही कंपनियां अपने को L-1 घोषित कराने में सफल रही है, उसी तरह शिड्युल रेट से 25 फीसदी अधिक पर काम लेने में भी सफल होंगी। क्योंकि इसमें कोई प्रतिस्पर्द्धा ही नहीं है। बिहार और झारखंड की कंपनियां पहले ही टेंडर से बाहर है। अर्चन भर इतना है कि शिड्युल रेट से अगर कोई कंपनी 10 फीसदी से अधिक की राशि कोट करती है तो उस कंपनी द्वारा कोट की गयी राशि पर काम देने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति अनिवार्य हो जाती है। कंपनियां अब इसी कोशिश में लगी है और उम्मीद की जा रही है कि सब कुछ ठीक ठाक रहने पर तीनों कंपनियों को उसके द्वारा कोट किए गए दर पर काम अलॉट भी हो जाएगा। यहां मालूम हो कि तीनों ही फ्लाईओवर का टेंडर State Highway Authority of Jharkhand (SHAJ) ने किया है। वैसे SHAJ के अधीक्षण अभियंता सुनील रजक से वर्क ऑर्डर अलॉट करने में हो रहे विलंब के बारे में पूछने पर उनका कहना है कि अभी मूल्यांकन का काम जारी है। मूल्यांकन और निगोसिएशन होते ही टेंडर अंतिम रूप से फाइनल और वर्क ऑर्डर भी अलॉट कर दिया जाएगा।

करमटोली-चिरौंदी फ्लाईओवर

इस फ्लाई ओवर की 3.216 किमी है। इसका टेंडर वैल्यू 174.60 करोड़ है। इसके निर्माण के लिए शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी (Shivalaya Construction Company) L-1 हुई है और इसने शिड्युल रेट से 17 फीसदी अधिक दर कोट किया है।

अरगोड़ा-चापुटोली फ्लाईओवर

इस फ्लाईओवर की 3.804 किमी है और इसका टेंडर वैल्यू 223.14 करोड़ है। इसके निर्माण के लिए दिनेश चंद्र अग्रवाल इंफ्राकॉन कंपनी (Dinesh Chandra R Agrawal Infracon) L-1 हुई है। इसने 17 फीसदी अधिक राशि कोट की है।

हरमू फ्लाईओवर

इसी तरह राजभवन स्थित जज कॉलोनी से सहजानंद चौक तक बनने एलिवेटेड फ्लाईओवर का टेंडर वैल्यू 326.61 करोड़ है। इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC), मुंबई L-1 हुई है। इस कंपनी ने शिड्युल रेट से 25 फीसदी अधिक का दर कोट किया है।

शिड्युल रेट से अधिक पर मिला काम तो सरकार पर 139 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा

जानकारों के अनुसार अरगोड़ा और चिरौंदी फ्लाईओवर का कुल शिड्युल रेट 397.74 करोड़ है। दोनों ही कंपनियों ने 17 फीसदी अधिक रेट कोट किया है। इस तरह कोट किए गए दर पर वर्क ऑर्डर मिला तो 465.35 करोड़ की राशि खर्च होगी। इसी तरह हरमू फ्लाईओवर का शिड्युल रेट 326.61 करोड़ है। कंपनी ने 25 फीसदी अधिक राशि कोट की है, जो लगभग 397.74 करोड़ है। यह शिड्युल रेट से लगभग 67 करोड़ अधिक है। इस तरह कुल 139 करोड़ की अधिक राशि सरकार को इन तीनों फ्लाईओवरों के निर्माण पर खर्च करनी पड़ेगी।

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